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चित्रकूट में बाढ़ का दर्द देखने पहुंचे CM योगी, पीड़ितों के आंसू पोंछे; राहत सामग्री बांटी, ढहे मकानों के लिए दिए ₹1.20 लाख के चेक

ब्यूरो ऋषभ तिवारी

चित्रकूट। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को एक दिवसीय दौरे पर धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे। मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाकों का मुख्यमंत्री ने हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और राहत सामग्री व राशन किट वितरित की।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने पहले से तैयारियां की थीं। रामायण मेला परिसर में आयोजित राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में सीएम योगी ने बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

ढहे मकानों के लिए पीड़ितों को दिए ₹1.20 लाख के चेक

बाढ़ में पूरी तरह मकान क्षतिग्रस्त होने वाले पीड़ितों को मुख्यमंत्री ने तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को एक-एक लाख 20 हजार रुपये के चेक सौंपे। वहीं राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

प्रशासन की ओर से बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सर्वे पूरा होने के बाद अन्य पात्र प्रभावित परिवारों को भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

‘किसी पीड़ित को परेशान होने की जरूरत नहीं’

राहत सामग्री वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सरकार हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों को भोजन, राशन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

पीड़ितों ने बताई बाढ़ की तबाही

सीतापुर मलकाना इलाके की रहने वाली रानी और मंजू ने बताया कि बाढ़ में उनका पूरा घर पानी में डूब गया और गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। मुख्यमंत्री के हाथों राशन किट मिलने से उन्हें तत्काल राहत मिली। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से नया घर बनवाने का भरोसा भी दिया गया है।

कटरा गूजर गांव की आशा ने बताया कि बाढ़ के कारण उनका मकान भी प्रभावित हुआ। उनके मुताबिक प्रशासन की ओर से बाढ़ के शुरुआती दिनों से ही खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराया जा रहा था।

वहीं बाढ़ पीड़ित ज्ञान सिंह ने बताया कि उनका कच्चा मकान बाढ़ में ढह गया। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री मिलने के साथ ही घर बनवाने का भरोसा मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रभावितों के बीच पहुंचने पर आभार जताया।

अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण और पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान, राहत वितरण, प्रभावित परिवारों और पुनर्वास की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से जारी रखा जाए और जिन लोगों के मकान या गृहस्थी को नुकसान हुआ है, उनका सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सरकार का फोकस अब बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ पुनर्वास और क्षतिग्रस्त मकानों की भरपाई पर है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

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