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उन्नाव में 2027 को लेकर भाजपा में बढ़ी सियासी हलचल, टिकट के दावेदारों ने तेज किया जनसंपर्क

ब्यूरो ऋषभ तिवारी

भगवंत नगर विधानसभा में संभावित प्रत्याशी जनता के बीच बना रहे पकड़, कार्यक्रमों और जनसेवा के जरिए मजबूत कर रहे दावेदारी

उन्नाव। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अभी से राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। उन्नाव जिले की भगवंत नगर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के संभावित दावेदारों की सक्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। क्षेत्र में जनसंपर्क, सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और जरूरतमंदों की मदद के जरिए कई चेहरे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।

भाजपा से टिकट की दावेदारी को लेकर हलचल

भगवंत नगर विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट को लेकर अभी से कई नेताओं और उनके समर्थकों की सक्रियता चर्चा में है। संभावित दावेदार लगातार क्षेत्र के लोगों से संपर्क कर रहे हैं और छोटे-बड़े सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।

कई नेता मेडिकल कैंप, गरीबों की सहायता, सम्मान समारोह और धार्मिक आयोजनों के जरिए जनता से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इन गतिविधियों को प्रमुखता से प्रचारित किया जा रहा है।

वर्तमान विधायक आशुतोष शुक्ला के सामने दावेदारी का सवाल

भगवंत नगर सीट से वर्तमान में भाजपा के आशुतोष शुक्ला विधायक हैं। ऐसे में 2027 में पार्टी किस चेहरे पर भरोसा जताती है, इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक 2027 विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट पर किसी नए प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए संभावित दावेदारों को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक गतिविधि और दावेदारी की कवायद के तौर पर ही देखा जा रहा है।

जातीय समीकरण भी रहेगा महत्वपूर्ण

भगवंत नगर विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा के सामने टिकट चयन में संगठन की स्थिति, मौजूदा विधायक का प्रदर्शन, स्थानीय समीकरण और संभावित प्रत्याशियों की पकड़ जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।

वहीं, विपक्षी दल भी 2027 की तैयारी में सक्रिय हो रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में इस सीट पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

टिकट का फैसला बनेगा सबसे बड़ा मुद्दा

फिलहाल भाजपा के संभावित दावेदार जनता के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटे हैं। लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है। टिकट वितरण के समय संगठन की रिपोर्ट, सर्वे और स्थानीय राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

2027 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन भगवंत नगर में नेताओं की बढ़ती सक्रियता ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि उन्नाव में चुनावी माहौल बनने की शुरुआत हो चुकी है।

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