बंद मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, सात शातिर गिरफ्तार

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
फतेहपुर। कोतवाली क्षेत्र में बंद मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के सात आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए दो चोरी की घटनाओं का शत-प्रतिशत माल बरामद करने का दावा किया है। आरोपितों के कब्जे से आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 34,400 रुपये नकद, चोरी में प्रयुक्त कैरेंस कार और ताला तोड़ने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है। आरोपी चार पहिया वाहन से रिहायशी इलाकों में बंद मकानों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही ताला व दरवाजा तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में 4-5 सितंबर और 16 सितंबर को चोरी की दो घटनाएं हुई थीं। पहली घटना साईंबिहार कॉलोनी और दूसरी शेखपुर उनवा में हुई थी। दोनों मामलों में घरों के ताले तोड़कर जेवरात चोरी किए गए थे।
दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज पुलिस की जांच में अहम साबित हुए। फुटेज के आधार पर संदिग्धों और वारदात में इस्तेमाल वाहन की पहचान व निगरानी शुरू की गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
कार से मिले चोरी के उपकरण
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विकास नागर, अनमोल सिंह, जयशिव गुप्ता, विकास निषाद, राहुल गुप्ता, मिथुन सिंह और दीपक उर्फ अंशू के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके पास से दोनों घटनाओं में चोरी किया गया माल, आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 34,400 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा कार से तीन पाइप रिंच, प्लास, कटर, दो पेचकश और दो सब्बल भी बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे कार से रिहायशी इलाकों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे। घर की पहचान होने के बाद मौका देखकर ताला या दरवाजा तोड़कर चोरी करते थे।
राजनीतिक दल का स्टीकर लगाकर करते थे बचने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक वारदात में इस्तेमाल कार पर राजनीतिक दल का स्टीकर लगा था। पुलिस का कहना है कि स्टीकर का इस्तेमाल पहचान छिपाने और पुलिस की नजर से बचने के उद्देश्य से किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपितों में अधिकांश कानपुर नगर के रहने वाले हैं, जबकि दीपक उर्फ अंशू फतेहपुर के बिंदकी थाना क्षेत्र के जरौली गांव का निवासी बताया गया है।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने गिरोह के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार मिश्रा मय टीम, प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह मय सर्विलांस सेल टीम तथा उपनिरीक्षक प्रवीण यादव मय क्राइम डिटेक्शन टीम शामिल रही।



