निष्पक्ष चयन से मिली सरकारी नौकरी,सीएम योगी ने 818 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों ने CM योगी के प्रति छात्रों ने जताया आभार

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिनांक 19 सितंबर, 2026 को लोक भवन सभागार, लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने का परिणाम अब सामने हैं. 2017 के बाद से प्रदेश में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं. सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले. मुख्यमंत्री ने भर्ती बोर्ड और आयोगों को राजनीति से दूर रखने पर जोर देते हुए कहा कि इन संस्थाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है.
प्रशासनिक सुधारों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए आयुष विश्वविद्यालयों और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व की व्यवस्थाओं के विपरीत, जहां भर्ती विज्ञापनों के जारी होते ही बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय हो जाता था, वर्तमान सरकार ने समूह ‘ग’ और ‘घ’ (ग्रुप-3 व 4) की भर्तियों में साक्षात्कार (इंटरव्यू) प्रणाली को पूरी तरह समाप्त कर दिया है ताकि मेधावी युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सके।
आगामी छह महीनों में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी छह महीनों के भीतर राज्य सरकार एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 36 हजार तथा होमगार्ड विभाग में 41 से 42 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिनके शारीरिक एवं चिकित्सीय परीक्षण संचालित किए जा रहे हैं।




