पुतला फूंका तब नहीं दिखी पुलिस, राख होते ही दर्ज हुआ मुकदमा; फतेहपुर में सपा प्रदर्शन पर उठे सवाल
ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
फतेहपुर। जिला मुख्यालय पर रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन समाप्त होने और कार्यकर्ताओं के लौटने के बाद कोतवाली पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष समेत दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय परिसर पहुंचे। कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला था। परिसर में पहुंचते ही केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुतले को पीटकर आग के हवाले कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे। जिला प्रशासन की ओर से भी किसी अधिकारी या प्रतिनिधि के मौके पर मौजूद होने की जानकारी सामने नहीं आई। कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन पूरा किया और इसके बाद वहां से लौट गए।
सपा कार्यकर्ताओं के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक विभिन्न क्षेत्रों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। ऐसे में जिला मुख्यालय जैसे स्थान पर पहले से प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कोतवाली पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष समेत दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बाद मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है।
सपा कार्यकर्ता जहां प्रदर्शन को विरोध दर्ज कराने की कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पूरे घटनाक्रम में पुतला दहन के बाद मुकदमा दर्ज होने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।



