उन्नाव: नवरात्र और दुर्गा पूजा से पहले महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, मिशन शक्ति केंद्रों की समीक्षा

जिला संवाददाता — देवेंद्र तिवारी, Kisan Mail News
उन्नाव। आगामी नवरात्र एवं दुर्गा पूजा के मद्देनजर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए उन्नाव पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक उत्तरी आयुष श्रीवास्तव ने रिजर्व पुलिस लाइन, उन्नाव में जनपद के सभी थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभारियों एवं संबंधित पुलिसकर्मियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
गोष्ठी में मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन, महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम और पीड़िताओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों को महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों में सक्रियता बनाए रखने तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
महिला सुरक्षा और सहायता व्यवस्था पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से महिलाओं की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करने, जरूरतमंद पीड़िताओं को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए समन्वित प्रयास करने पर चर्चा हुई।
पुलिस अधीक्षक उत्तरी आयुष श्रीवास्तव ने मिशन शक्ति अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की। साथ ही महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से संबंधित शासन की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर बल दिया गया।
त्योहारों के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा
नवरात्र एवं दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में महिला सुरक्षा से जुड़े तंत्र को सक्रिय रखना महत्वपूर्ण है। मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्नाव पुलिस की इस गोष्ठी का उद्देश्य मिशन शक्ति केंद्रों के कामकाज को बेहतर बनाना और त्योहारों के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती देना है।



