नाला पर कथित कब्जे से मलाका गांव में जलभराव, ग्रामीण परेशान
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
बारिश का पानी घरों और रास्तों में भरा, स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें; एसडीएम से जांच कर कार्रवाई की मांग
फतेहपुर। विकासखंड भिटौरा की ग्राम पंचायत मलाका में जल निकासी की व्यवस्था बाधित होने से ग्रामीणों के सामने जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। ग्राम पंचायत की ओर से उप जिलाधिकारी फतेहपुर को दिए गए प्रार्थना पत्र में गांव के नाले पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर जल निकासी व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।
तालाब तक बनाया गया था नाला और पुलिया
ग्राम पंचायत की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, पूर्व में जगदीश रैदास के घर से तालाब तक नाला और पुलिया का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य बारिश और अन्य पानी की निकासी को सुचारु बनाए रखना था। आरोप है कि नाले के कुछ हिस्से पर कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है, जिसके चलते पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।
घरों और रास्तों में भर रहा बारिश का पानी
जल निकासी बाधित होने के कारण बारिश का पानी गांव के कई हिस्सों में जमा हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक कई स्थानों पर घरों और रास्तों में पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। उन्हें जलभराव और गंदे पानी के बीच से होकर रास्ता पार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो सकता है।
एसडीएम से जांच और नाला कब्जामुक्त कराने की मांग
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की स्थलीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में नाले पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे नियमानुसार हटवाया जाए और नाला व पुलिया का आवश्यक निर्माण अथवा पुनर्निर्माण कराकर जल निकासी की व्यवस्था सुचारु कराई जाए।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाली बारिश में जलभराव और गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराएगा।
ग्रामीणों की मौजूदगी में उठी समस्या
इस दौरान ग्राम प्रधान शिवाकांत मिश्रा समेत नीरज पटेल, वीरेंद्र, मनीष कुमार, शिव विशाल, श्यामू, मनीष, शिव नरेश, ब्रजराज, दयाराम, अली मोहम्मद, सर्वेश कश्यप, संजय विश्वकर्मा, मोतीलाल, राम सिंह दिवाकर, राजाराम, अजय पाल, जगरूप, रामप्रकाश, पप्पू कुमार, नीरज कुमार, विनोद कुमार, सुरेंद्र कुमार, रमेश पाल, विनीत पाल, मनोज कुमार, धर्मेंद्र गौतम, शिवचरन, अनुज पाल, अखिलेश और राकेश समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।



