उत्तर प्रदेशउन्नावताजा खबर

स्कूल फीस के 3.15 लाख रुपये के गबन का आरोप, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

क्लर्क पर फीस का हिसाब नहीं देने और जान से मारने की धमकी का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

संवाददाता — सचिन पांडे, Kisan Mail News

उन्नाव। स्कूल में विद्यार्थियों से जमा कराई गई फीस की करीब 3.15 लाख रुपये की रकम का हिसाब नहीं मिलने के मामले में कोतवाली सदर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर स्कूल के क्लर्क के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। प्रबंधक ने फीस की रकम में गड़बड़ी करने, हिसाब नहीं देने और मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

आदर्श नगर निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि वह गदनखेड़ा-कौशिल्यापुरम स्थित महावीर प्रसाद जनक दुलारी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक हैं। उनके मुताबिक कन्हैया लाल वर्मा को 9 दिसंबर 2024 को स्कूल में क्लर्क के पद पर नियुक्त किया गया था। विद्यार्थियों से फीस जमा कराने के साथ स्कूल के आय-व्यय और लेखा-जोखा का जिम्मा भी उसके पास था।

प्रबंधक का आरोप है कि इसी दौरान स्कूल में जमा फीस की 3,15,905 रुपये की रकम का हिसाब नहीं मिल पाया। कई बार जानकारी मांगने के बावजूद रकम का स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया गया। इसके बाद आरोपी के स्कूल आना बंद करने की बात भी प्रार्थनापत्र में कही गई है।

15 दिन में हिसाब देने की बात, समय बीतने के बाद भी नहीं हुआ निस्तारण

प्रबंधक के अनुसार मामले की शिकायत पहले कोतवाली पुलिस से की गई थी। पुलिस द्वारा कन्हैया लाल को थाने बुलाकर पूछताछ किए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि इस दौरान उसने एक समझौता पत्र देते हुए पूरा हिसाब उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन का समय मांगा था।

प्रबंधक का कहना है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी न तो रकम का हिसाब दिया गया और न ही विवादित धनराशि वापस की गई।

घर पहुंचकर हिसाब मांगने पर विवाद का आरोप

प्रार्थनापत्र के मुताबिक, 10 दिसंबर 2025 की शाम करीब पांच बजे राजेंद्र प्रसाद कन्हैया लाल के घर स्कूल के हिसाब और उसके स्कूल नहीं आने की वजह पूछने पहुंचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद हो गया और कन्हैया लाल ने गाली-गलौज करते हुए दोबारा रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।

प्रबंधक ने बाद में फोन के जरिए संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात भी कही है। परिवार की ओर से उसके बाहर होने की जानकारी दिए जाने का उल्लेख प्रार्थनापत्र में किया गया है।

कई स्तरों पर शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे प्रबंधक

प्रबंधक के मुताबिक रकम का हिसाब और वापसी नहीं होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक के अलावा जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली गई। कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली सदर पुलिस ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस अब स्कूल के फीस रिकॉर्ड, जमा रकम, लेखा-जोखा, कथित समझौता पत्र और दोनों पक्षों से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

Related Articles

Back to top button