सहारा स्टेट जानकीपुरम की समिति पर कब्जे और पांच करोड़ के घपले का आरोप

संघर्ष समिति ने एसवी सिंह और सोमेश सिंह पर लगाए गंभीर आरोप, चुनाव कराने और हिसाब देने की मांग
लखनऊ। सहारा स्टेट जानकीपुरम संघर्ष समिति के बैनर तले कॉलोनी के लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन कर सहारा सरकारी आवास समिति लिमिटेड के अध्यक्ष एसवी सिंह (श्याम वीर सिंह) और सचिव सोमेश सिंह पर भ्रष्टाचार और समिति के संचालन में मनमानी के गंभीर आरोप लगाए। यहां बताना जरूरी है कि एसवी सिह सहारा इंडिया में पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सोमेश सिंह सहारा हाउसिंग के हेड रह चुके हैं। दोनों लोगों को गंभीर आरोप में कंपनी से निकल दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने समिति का हिसाब सार्वजनिक कराने और लंबे समय से लंबित चुनाव कराने की मांग की।
सहारा स्टेट संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि सहारा इंडिया के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसवी सिंह और सहारा हाउसिंग के पूर्व प्रमुख सोमेश सिंह ने समिति पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है। आरोप है कि समिति के करीब पांच करोड़ रुपये के हिसाब में अनियमितता है और लंबे समय से उसका विवरण सदस्यों को नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समिति में नियम-कायदों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से सदस्यों को शामिल किया जा रहा है और कुछ लोगों की सदस्यता समाप्त की जा रही है। उनका यह भी आरोप है कि लंबे समय से समिति के चुनाव नहीं कराए गए हैं, जिससे कॉलोनी के सदस्यों में नाराजगी है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि समिति के वित्तीय लेनदेन का पूरा हिसाब नहीं दिया गया और नियमानुसार चुनाव नहीं कराए गए तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने समिति के संचालन में पारदर्शिता और सदस्यों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की।




