कानपुर की परेड रामलीला के 150वें वर्ष पर 95 फीट का हाईटेक रावण बनेगा आकर्षण

ब्यूरो ऋषभ तिवारी
कानपुर। ऐतिहासिक परेड रामलीला इस वर्ष अपने 150वें आयोजन को लेकर खास चर्चा में है। विजयदशमी पर होने वाले रावण दहन को यादगार बनाने के लिए आयोजन समिति की ओर से भव्य तैयारियां की जा रही हैं। इस बार 95 फीट ऊंचा रावण का पुतला दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसकी खासियत सिर्फ इसकी ऊंचाई ही नहीं, बल्कि इसमें इस्तेमाल की जा रही आधुनिक तकनीक भी बताई जा रही है।
घूमेगी गर्दन, आंखों से निकलेगी रोशनी
आयोजन से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई पिछले वर्ष के 90 फीट के मुकाबले बढ़ाकर 95 फीट की गई है। पुतले को विशेष तकनीक से तैयार किया गया है। इसकी गर्दन 360 डिग्री तक घूमने, आंखों से तेज रोशनी निकलने और मुंह से फूलों की वर्षा होने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
पुतले को तैयार करने के लिए राजस्थान और जयपुर के कारीगरों की मदद ली गई है। बताया जा रहा है कि कारीगरों ने करीब दो महीने की मेहनत से इसे तैयार किया है। समिति को उम्मीद है कि इस बार का रावण दहन दर्शकों के लिए खास अनुभव होगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा जोर
परेड मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला कानपुर के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। विजयदशमी पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस तथा प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा इंतजाम किए जाने की बात कही गई है।
आयोजन के दौरान पुलिस बल, दमकल वाहन और एंबुलेंस की व्यवस्था रखने की तैयारी है। दर्शकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग भी की जाएगी। रावण दहन के बाद आतिशबाजी कार्यक्रम भी आकर्षण का हिस्सा रहेगा।
150 साल की परंपरा को खास बनाने की तैयारी
परेड रामलीला का 150वां वर्ष आयोजन समिति के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर भव्य रावण दहन और आधुनिक तकनीक से सजे पुतले के जरिए आयोजन को यादगार बनाने की कोशिश की जा रही है। अब लोगों की निगाहें विजयदशमी के कार्यक्रम पर टिकी हैं, जहां परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल सकता है।



