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कानपुर में गैंगस्टर अजय ठाकुर की अस्पताल से गिरफ्तारी, कोर्ट परिसर में भी मारपीट; अपहरण के आरोपों की जांच जारी

ब्यूरो रिपोर्ट: ऋषभ तिवारी

कानपुर। कानपुर में हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर से जुड़ा मामला लगातार सुर्खियों में है। हनुमंत विहार के जूही कलां डब्ल्यू ब्लॉक में मारपीट की घटना के बाद घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती अजय ठाकुर को बर्रा थाना पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेशी के दौरान भी उसके साथ मारपीट होने की खबर सामने आई है। पुलिस ने उसे सुरक्षा घेरे में लेकर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

2016 के रंगदारी मामले में जारी था गैर-जमानती वारंट

पुलिस के मुताबिक, अजय ठाकुर वर्ष 2016 में दर्ज रंगदारी के एक मामले में वांछित था। इस मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी आधार पर बर्रा पुलिस ने नौबस्ता स्थित धन्वंतरि अस्पताल से उसे गिरफ्तार किया।

एसीपी नौबस्ता अभिषेक कुमार राहुल के अनुसार, पुराने मामले में कानूनी कार्रवाई के तहत गिरफ्तारी की गई। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया।

कोर्ट परिसर में फोटो खींचने को लेकर विवाद

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत परिसर में पेशी के दौरान फोटो खींचने को लेकर अजय ठाकुर और कुछ अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। बताया गया कि कहासुनी और कथित गाली-गलौज के बाद काला कोट पहने कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसकी शर्ट भी फट गई।

पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर उसे भीड़ से निकाला और सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया। अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। घटना के संबंध में मारपीट करने वालों की पहचान और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

जूही कलां में युवक को अगवा करने का आरोप

इससे पहले रविवार रात हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के जूही कलां डब्ल्यू ब्लॉक में अजय ठाकुर और उसके साथियों से जुड़ी मारपीट की घटना सामने आई थी। आरोप है कि काली स्कॉर्पियो सवार लोगों ने एक युवक को जबरन गाड़ी में बैठाया और उसके साथ मारपीट की। विरोध के दौरान हवाई फायरिंग किए जाने का आरोप भी सामने आया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अजय ठाकुर और उसके साथियों शेरा उर्फ साहिल तथा आयुष को घेरकर पीट दिया। तीनों घायल हो गए थे। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। इसी घटनाक्रम के दौरान स्कॉर्पियो से एक ई-ऑटो में टक्कर लगने की बात भी सामने आई।

अपहरण और ई-ऑटो क्षतिग्रस्त होने के मामले में जांच

पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर अगवा किए गए युवक की तलाश की जा रही है। ई-ऑटो को टक्कर मारने और वाहन क्षतिग्रस्त होने के मामले में भी शिकायत तथा कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

इस पूरे प्रकरण में एक ओर पुराने रंगदारी मामले में अजय ठाकुर की गिरफ्तारी हुई है, वहीं दूसरी ओर हालिया घटना से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। अस्पताल से गिरफ्तारी, अदालत परिसर में मारपीट और कथित अपहरण के मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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