₹4200 करोड़ का कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे फिर सवालों में, सड़क सुखाने के लिए लगाए गए 10 बड़े पंखे, वीडियो वायरल

ब्यूरो ऋषभ तिवारी
उन्नाव/लखनऊ | किसान मेल न्यूज़
करीब ₹4200 करोड़ की लागत से बने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से को करीब 10 बड़े पेडेस्टल (स्टैंड) पंखों से सुखाते हुए देखा गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण उन्नाव के पास एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। मरम्मत कार्य के दौरान सड़क पर मौजूद नमी को हटाने और पैचवर्क जल्दी पूरा करने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया गया। इसी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार और निर्माण एजेंसियों पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है, वहीं परियोजना की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि इतने बड़े बजट से बने एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के कुछ ही समय बाद सड़क का क्षतिग्रस्त होना और फिर उसे पंखों से सुखाकर मरम्मत करना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
किसान मेल न्यूज़ इस पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सड़क की खराबी का वास्तविक कारण निर्माण में कमी थी या लगातार हुई भारी बारिश का असर।



