उन्नाव में ECCE Educator भर्ती पर सवाल, 199 पदों की चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने की जांच की मांग

जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। जिले में ECCE Educator के रिक्त पदों पर प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी सामने आई है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और उनके अभिभावक बृहस्पतिवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपनी शिकायतें सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जरूरी सूचनाएं उन्हें समय से और आधिकारिक माध्यम से नहीं मिल सकीं। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों, जरूरी नियमों और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
199 पदों पर होनी है भर्ती
उन्नाव में ECCE Educator के 199 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। ऐसे में चयन प्रक्रिया से जुड़ी प्रत्येक सूचना सभी पात्र अभ्यर्थियों तक समान रूप से पहुंचना जरूरी है।
अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने भर्ती प्रक्रिया कराने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि भर्ती से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक माध्यम से सार्वजनिक की जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को सूचना के अभाव में नुकसान न हो।
पारदर्शी प्रक्रिया की मांग
DIET पहुंचे अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती के नियम, महत्वपूर्ण तिथियां, चयन का आधार, मेरिट और अन्य आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
विभाग के जवाब का इंतजार
199 पदों की भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद अब शिक्षा विभाग और संबंधित भर्ती एजेंसी के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर नजर है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग जल्द स्थिति स्पष्ट करे, ताकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर बना असमंजस दूर हो सके।
फिलहाल भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभाग अथवा संबंधित एजेंसी की ओर से पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।



