IGRS-सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में पिछड़े विभागों पर डीएम सख्त, बोले- सुधार नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई

जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। जनसमस्याओं के निस्तारण और सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कुछ विभागों की खराब स्थिति सामने आने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
रैंकिंग में आबकारी, वन, खनिज, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गंभीरता से काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर जोर
डीएम ने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण करने के बाद शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी महत्वपूर्ण है। असंतुष्टि का स्तर बढ़ने पर संबंधित अधिकारी विशेष ध्यान देकर समस्या का दोबारा परीक्षण कराएं।
राजस्व वादों की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की भी तहसीलवार समीक्षा की गई। धारा 34, 24 और 116 के तहत लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही फॉर्मर रजिस्ट्री से संबंधित लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निस्तारित करने पर जोर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामलों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
रैंकिंग गिरी तो जिम्मेदारी तय होगी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले की रैंकिंग में गिरावट आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को अपनी रैंकिंग में सुधार लाने और जनता से जुड़ी शिकायतों के प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।



