कोरारी कला में पौधरोपण अभियान पर सवाल: सैकड़ों पौधे बिना लगाए ही सूखे, जांच की उठी मांग

उन्नाव। पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान की जमीनी हकीकत बिछिया विकासखंड के कोरारी कला में सवालों के घेरे में है। यहां आरआरसी सेंटर और ओरहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में पौधरोपण के लिए लाए गए सैकड़ों पौधे समय पर नहीं लगाए गए। देखरेख के अभाव में अधिकांश पौधे सूख गए, जिससे सरकारी अभियान की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कोरारी कला में पौधों को खुले में पड़े रहने दिया गया, जिससे वे सूखकर नष्ट हो गए।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते पौधों का रोपण और नियमित देखभाल की गई होती तो बड़ी संख्या में पौधे बचाए जा सकते थे। उनका कहना है कि सरकारी धन और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य दोनों को इस लापरवाही से नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में बिछिया के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) फहद खान ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और यदि लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल:
जब पौधरोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने का दावा किया जा रहा है, तब जिम्मेदार विभागों की ऐसी लापरवाही से पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?
— दैनिक किसान मेल न्यूज़



