नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। अपने लगातार 13वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पीएम मोदी ने विकसित भारत @2047, युवाओं, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और नक्सलवाद समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
‘दिमागी नक्सलों’ को लेकर PM मोदी की चेतावनी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद को लेकर कहा कि देश के जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों को काफी हद तक पीछे धकेलने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है, लेकिन नक्सली मानसिकता अभी भी समाज में मौजूद है।
पीएम मोदी ने ऐसे लोगों के लिए “दिमागी नक्सल” शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इन्हें पहचानना और अलग-थलग करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक माओवादी विचारधारा से प्रभावित लोगों ने सत्ता के गलियारों और नीतिगत निर्णयों को प्रभावित करने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लंबे समय तक देश के युवाओं और परिवारों को भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई में 3,500 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए।

‘नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा’
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था। उन्होंने दावा किया कि अब हथियारबंद नक्सली हिंसा कमजोर पड़ चुकी है और नक्सलवाद “अंतिम सांसें गिन रहा है।”
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी बंदूक और हिंसा की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब विकास, भरोसे और नए अवसरों का माहौल बन रहा है।
विकसित भारत का लक्ष्य और ‘शक्ति की सप्तधारा’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने देश के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का विजन भी सामने रखा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, तकनीक व इनोवेशन, गतिशक्ति, रक्षा उत्पादन, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
पीएम मोदी ने युवाओं को देश की विकास यात्रा का केंद्र बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और नई तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
लाल किले से दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की एकता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति भी खास चर्चा में रही। प्रधानमंत्री के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ विकास, युवा शक्ति और 2047 के विकसित भारत का रोडमैप प्रमुख रूप से सामने आया।



