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उन्नाव: मृत गोवंश खुले में मिलने से मचा हड़कंप,प्रशासक को नोटिस

ब्यूरो चीफ ऋषभ तिवारी

गौशाला में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण, 15 दिन में देना होगा जवाब

उन्नाव। विकासखंड बिछिया की ग्राम पंचायत कोरारीकला स्थित अस्थायी गौशाला के आसपास मृत गोवंश खुले में मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने ग्राम पंचायत कोरारीकला की प्रशासक वरुणा देवी को उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

जानकारी के अनुसार कोरारीकला गांव के बाहर करीब तीन बीघा भूमि पर अस्थायी गौशाला संचालित है, जिसमें लगभग 105 गोवंश पंजीकृत बताए गए हैं। बीते 14 अगस्त को गौशाला के आसपास जंगल क्षेत्र में कई मृत गोवंश पड़े मिलने का मामला सामने आया था। मृत गोवंशों के खुले में पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया।

प्रशासन की ओर से तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान मृत गोवंशों के निस्तारण को लेकर भी सवाल उठे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मृत गोवंशों को गड्ढा खुदवाकर दफन कराया गया।

जांच रिपोर्ट में गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गौशाला में संरक्षित गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्सक से कराया जाना जरूरी है। किसी गोवंश की मृत्यु होने पर उसके शव का निर्धारित स्थान पर नियमानुसार निस्तारण कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।

नोटिस में ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियों और सरकारी कार्यों के निर्वहन में कथित उदासीनता को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

उन्नाव में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर हाल के दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई भी सामने आई है। तौरा और पड़रीखुर्द गौशालाओं में अनियमितताओं की जांच के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित संस्था का अनुबंध निरस्त किया था।

किसान मेल की नजर: गौशालाओं में गोवंशों की सुरक्षा और उनके सम्मानजनक निस्तारण को लेकर प्रशासन की सख्ती जरूरी है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि कोरारीकला मामले में जिम्मेदारों के स्पष्टीकरण के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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