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रक्षाबंधन महोत्सव में उमड़ी उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़, प्रशासन ने सुरक्षा के चलते रुकवाया आयोजन; पुष्पेंद्र बोले- बहनों की सुरक्षा सर्वोपरि

ब्यूरो ऋषभ तिवारी

उन्नाव। बीघापुर क्षेत्र के मानपुर मोड़ पर पुष्प फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव में रविवार को उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में महिलाएं पहुंच गईं। कार्यक्रम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर आयोजन को आगे बढ़ाने से रोक दिया। जिलाधिकारी घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

पुष्प फाउंडेशन की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए यह आयोजन किया गया था। आयोजक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य किसी राजनीतिक गतिविधि के बजाय भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करना और सर्वधर्म समभाव का संदेश देना था। महिलाओं को बहन मानकर रक्षाबंधन मनाने की यह पहल पहले भी क्षेत्र में चर्चा में रही है। वर्ष 2025 में भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने पुष्पेंद्र प्रताप सिंह को राखी बांधी थी।

अनुमति लेकर किया गया था आयोजन

उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस बार कार्यक्रम में करीब 15 हजार महिलाओं के जुटने की अनुमति ली गई थी। हालांकि रविवार सुबह कार्यक्रम शुरू होने के बाद महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और मौके पर भीड़ अनुमति से काफी अधिक हो गई। भीड़ बढ़ने की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे।

कार्यक्रम स्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजन समाप्त कराने का निर्णय लिया। महिलाओं को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया।

पुष्पेंद्र ने खुद महिलाओं से की वापस जाने की अपील

कार्यक्रम रुकने के बाद पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए महिलाओं से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने से आयोजन उम्मीद से बहुत बड़ा हो गया और ऐसी स्थिति में सभी की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासनिक सहयोग की सराहना भी की। उनका कहना था कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान देना और भाई-बहन के रिश्ते की भावना को मजबूत करना है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में बहनों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

उपहार वितरण भी रोक दिया गया

कार्यक्रम में महिलाओं को उपहार वितरित किए जाने की व्यवस्था भी थी। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उपहार वितरण के लिए अनुमति नहीं होने के कारण प्रशासन ने इसे रोक दिया। इसके बाद आयोजकों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन किया।

पांच घंटे तक चला भीड़ को व्यवस्थित करने का काम

कार्यक्रम स्थगित होने के बाद भी बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर मौजूद थीं। पुलिस और प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से महिलाओं को बाहर निकालना शुरू किया। कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह खाली कराने में करीब पांच घंटे तक प्रयास करना पड़ा।

मौके पर एएसपी अखिलेश सिंह, एसडीएम आनंद कुमार नायक सहित कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी पुलिस बल भी लगाया गया था।

हाईवे पर बढ़ा वाहनों का दबाव

बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने के कारण कार्यक्रम स्थल के आसपास वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई। महिलाओं को लेकर आने वाली बसों और निजी वाहनों के चलते हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ा। कार्यक्रम स्थगित होने के बाद वापस जाने वाले लोगों के कारण भी कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।

आयोजक का संदेश—कार्यक्रम से बड़ा बहनों का सम्मान

पुष्पेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि रक्षाबंधन उनके लिए केवल एक त्योहार नहीं बल्कि बहन-भाई के रिश्ते और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनका प्रयास है कि क्षेत्र की महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा का भरोसा मिले। इसी भावना के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

हालांकि इस बार उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ पहुंचने के कारण प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम रोकना पड़ा। आयोजक की ओर से प्रशासन के निर्णय का विरोध करने के बजाय महिलाओं से शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की गई। ऐसे में कार्यक्रम भले ही पूरा नहीं हो सका, लेकिन आयोजकों की ओर से इसे बहनों के सम्मान और सामाजिक भाईचारे की भावना से जुड़ा आयोजन बताया गया।

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