उन्नाव में बारिश ने बिगाड़े हालात, सीएचसी पुरवा परिसर बना तालाब; पोरई में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

संवाददाता सचिन पांडे
अस्पताल के मुख्य गेट से रसोई तक जलभराव, मरीज-तीमारदार परेशान; लोन नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव में दहशत
उन्नाव। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पुरवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में पानी भरने से मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं सुमेरपुर विकासखंड के पोरई गांव में लोन नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने लगा है।
सीएचसी पुरवा परिसर में घुटनों तक पानी
पुरवा सीएचसी के मुख्य गेट से लेकर अस्पताल परिसर के अंदर तक गंदा पानी जमा हो गया है। मरीजों और तीमारदारों को मजबूरी में इसी पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। जलभराव के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी की रसोई के आसपास भी गंदा पानी जमा है। इससे मरीजों के लिए तैयार होने वाले भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल परिसर में लंबे समय से जल निकासी की समस्या को लेकर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी है।
एसडीएम के निर्देश के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
बताया गया कि बीते शनिवार को निरीक्षण के दौरान एसडीएम पुरवा ने सीएचसी परिसर में रसोई के पास जलभराव देखा था। उन्होंने नगर पंचायत के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पाइप डालकर तत्काल पानी की निकासी कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी। बुधवार को दोबारा हुई बारिश के बाद सीएचसी परिसर में पानी भर गया और स्थिति फिर पहले जैसी हो गई।
मुख्य गेट पर भी जमा है गंदा पानी
अस्पताल के मुख्य गेट पर पानी जमा होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में इस तरह जलभराव रहना स्वास्थ्य केंद्र के लिए गंभीर समस्या है। खासकर रसोई के आसपास पानी जमा होने से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
पोरई गांव में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
दूसरी ओर, सुमेरपुर विकासखंड के पोरई गांव में लोन नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी का पानी गांव के आसपास फैलने के साथ तकिया पाटन और उन्नाव की ओर जाने वाले रास्ते भी पानी में डूब गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ का पानी अब कई घरों तक पहुंचने लगा है। गांव के चारों ओर पानी होने से लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पहुंचाने की तैयारी
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सतेन्द्र सिंह ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उनके ठहरने की व्यवस्था कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत एवं सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए।
लगातार बारिश के कारण एक तरफ पुरवा सीएचसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी हो रही है, तो दूसरी ओर पोरई गांव में बाढ़ का पानी ग्रामीणों के लिए खतरा बनता जा रहा है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की राहत और जलनिकासी व्यवस्था पर टिकी हैं।



