2011 से फरार शातिर बाप-बेटे उज्जैन से गिरफ्तार, बैंक लोन के नाम पर करते थे करोड़ों की जालसाजी

ऋषभ तिवारी
कानपुर। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बर्रा थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे शातिर बाप-बेटे को उज्जैन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी भोले-भाले लोगों को बैंक लोन और हाउस लोन दिलाने के नाम पर जालसाजी कर रकम हड़पने वाले गिरोह से जुड़े हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय अग्रवाल उर्फ संजीव राज गोयल और उसके बेटे राहुल अग्रवाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों वर्ष 2011 से वांछित चल रहे थे।
तकनीकी टीम ने उज्जैन में लोकेशन की ट्रेस
डीसीपी साउथ दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने बताया कि दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को इनकी तलाश लंबे समय से थी।
एडीसीपी साउथ सुमित सुधाकर रामटेके के निर्देशन में तकनीकी टीम ने दोनों आरोपियों की लोकेशन उज्जैन में ट्रेस की। इसके बाद बर्रा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया।
बैंक की मिलीभगत से लोन के नाम पर जालसाजी का आरोप
पुलिस के मुताबिक आरोपी भोले-भाले लोगों को बैंक लोन और हाउस लोन दिलाने का झांसा देते थे। आरोप है कि बैंक से लोन की प्रक्रिया कराने के बाद बैंक की मिलीभगत से रकम हड़प ली जाती थी। डीसीपी साउथ ने बताया कि यह किसी एक-दो लोगों का मामला नहीं, बल्कि पूरा गैंग है, जो इसी तरह की जालसाजी करता आ रहा है।
दोनों पर घोषित था इनाम
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर इनाम भी घोषित कर रखा था। संजय अग्रवाल उर्फ संजीव राज गोयल पर 50 हजार रुपये और उसके बेटे राहुल अग्रवाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
डीसीपी के अनुसार संजय अग्रवाल के खिलाफ 24 आपराधिक मुकदमे, जबकि राहुल अग्रवाल के खिलाफ 16 मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम को मिलेगा इनाम
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय भेजा गया है। डीसीपी साउथ ने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को घोषित इनाम की राशि दिए जाने की बात कही है।
इस कार्रवाई में थाना बर्रा प्रभारी निरीक्षक रविंद्र श्रीवास्तव के निर्देशन में उप निरीक्षक सनी कुमार, समर सिंह, अरविंद कुमार, जितेंद्र कुमार, रिजर्व कांस्टेबल विकास व्यास तथा साइबर सेल के उप निरीक्षक अजय गंगवार, देवेंद्र, जोनी त्यागी, हेड कांस्टेबल हरमेश मिश्रा, कांस्टेबल शोभित और शिवम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



