DIOS के औचक निरीक्षण में खुली स्कूल की व्यवस्था की पोल, शिक्षक मिले नदारद
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
बिछिया ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवरना में सुबह 8:30 बजे तक नहीं पहुंचा था एक भी शिक्षक, बच्चे करते रहे इंतजार
उन्नाव। बिछिया ब्लॉक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवरना में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) सुनील दत्त ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 8:30 बजे तक विद्यालय में एक भी शिक्षक मौजूद नहीं मिला। वहीं, समय से स्कूल पहुंचे बच्चे शिक्षकों के आने का इंतजार करते रहे।

मुख्य गेट से लेकर कई कमरे तक मिले बंद
औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय का मुख्य गेट समेत कई कमरे बंद पाए गए। बताया गया कि विद्यालय परिसर में बच्चे इधर-उधर घूमते नजर आए। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक कक्ष और रसोईघर भी बंद मिले।
विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति और बंद कमरों की स्थिति देखकर मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए। खास बात यह रही कि बच्चे निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंच चुके थे, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक मौजूद नहीं थे।

DIOS ने बच्चों से की बातचीत, ली पूरी जानकारी
निरीक्षण के दौरान DIOS सुनील दत्त ने विद्यालय में मौजूद बच्चों से बातचीत की और उनसे शिक्षकों के विद्यालय पहुंचने तथा पढ़ाई की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। बच्चों से मिली जानकारी के बाद विद्यालय में शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति को लेकर सवाल और गंभीर हो गए।
औचक निरीक्षण में सामने आई स्थिति से यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि विद्यालय में बच्चे समय से पहुंच रहे हैं तो शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस स्तर पर निभाई जा रही है।
BSA को दी जानकारी, कार्रवाई की तैयारी
मामले की जानकारी DIOS द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को दिए जाने की बात सामने आई है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अब देखना होगा कि विद्यालय में शिक्षकों की गैरहाजिरी को लेकर विभाग क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
किसान मेल की नजर: सरकारी स्कूलों में बच्चों की नियमित पढ़ाई और शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में औचक निरीक्षण में यदि शिक्षक विद्यालय से नदारद मिलते हैं तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ नियमित निगरानी भी जरूरी है।



