कानपुर में नकली नोट छापने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

2.46 लाख रुपये की फेक करेंसी बरामद, प्रिंटर और नकली नोट बनाने का सामान भी मिला
कानपुर। रेलबाजार थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले कथित गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोमिल गुप्ता, रौशन अली और शेर सिंह के रूप में हुई है।
अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध संकल्प शर्मा के मुताबिक, तीनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और उनके खिलाफ करीब 15-15 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी नकली नोट देकर उसके बदले असली रकम लेने के लिए ‘एक के बदले तीन’ की तरकीब अपनाते थे और मौका मिलते ही वहां से निकल जाते थे।
2.46 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग मूल्यवर्ग के कुल 2,46,050 रुपये के नकली नोट बरामद करने का दावा किया है। बरामद फेक करेंसी में—
- 100 रुपये के 1,991 नकली नोट
- 50 रुपये के 71 नकली नोट
- 500 रुपये के 4 नकली नोट
शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने एक प्रिंटर, एक कैजी, दो पेपर कटर, दो स्केल, चार खाली और पांच भरी इंक की बोतलें तथा एक रिम पेपर समेत अन्य सामान बरामद किया है।
नकली नोट की सप्लाई करने वालों तक पहुंचेगी पुलिस
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उन लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो आरोपियों को नकली नोट तैयार करने के लिए कागज और अन्य सामग्री उपलब्ध कराते थे। पुलिस का कहना है कि इन लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है।
टीम ने ऐसे किया खुलासा
यह कार्रवाई एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके के निर्देशन और रेलबाजार प्रभारी निरीक्षक अमान सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में सर्विलांस प्रभारी मंगल सिंह, स्वाट टीम के मनीष कुमार, उप निरीक्षक मनीष कुमार, राहुल कुमार, सर्विलांस टीम के उप निरीक्षक मंजेश कुमार, हेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रकाश पाल, शाहबाज खान, अभय सिंह, हरिओम मिश्रा, शैलेन्द्र यादव और कांस्टेबल रूपक खोखर शामिल रहे।



