जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव ने जिला कारागार का किया निरीक्षण

जिला संवाददाता — देवेंद्र तिवारी, Kisan Mail News
उन्नाव। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव आकांक्षा बाजपेई ने जिला कारागार का निरीक्षण कर बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने पुरुष और महिला बंदियों से बातचीत कर उन्हें निशुल्क अधिवक्ता और कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई।
प्रभारी सचिव ने जेल अधीक्षक नीरज देव को निर्देश दिए कि निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के लिए बंदियों की ओर से प्राप्त प्रार्थना पत्रों को तत्काल संबंधित स्तर पर भेजा जाए। इस दौरान बंदियों को रिमांड, जमानत सहित अन्य विधिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया।
उन्होंने 25 सितंबर को प्रस्तावित ई-जेल लोक अदालत के संबंध में भी बंदियों को जानकारी दी और इसका लाभ उठाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया समझाई।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने जेल की विभिन्न बैरकों, जेल चिकित्सालय और गोशाला का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से उनके रहन-सहन, खान-पान और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
महिला बैरक में मौजूद बच्चों को खेल-खिलौने वितरित किए गए। साथ ही बच्चों का समय से टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जेलर कृष्ण मोहन चंद्र, डिप्टी जेलर मैत्री शर्मा समेत जेल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



