यूपी के होटल-रेस्तरां में अब नहीं मिलेगा हुक्का, हाईकोर्ट ने स्मोकिंग जोन में भी लगाई रोक

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हुक्का परोसने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि होटल, रेस्तरां, कैफे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए निर्धारित स्मोकिंग एरिया में भी ग्राहकों को हुक्का उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। यह फैसला 29 सितंबर 2026 को सामने आया।
अदालत ने माना कि हुक्का तैयार करना और ग्राहक को उपलब्ध कराना एक तरह की सेवा है और इसे केवल इस आधार पर अनुमति नहीं दी जा सकती कि उसका इस्तेमाल निर्धारित स्मोकिंग जोन में किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने हुक्का बार के लिए अलग लाइसेंस जारी किए जाने के अधिकार पर भी सवाल स्पष्ट किया है।
फैसले का असर उत्तर प्रदेश में संचालित होटल, रेस्तरां, कैफे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर होगा। अब निर्धारित स्मोकिंग एरिया होने के बावजूद वहां हुक्का परोसने की अनुमति नहीं होगी।
अदालत का यह फैसला सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध से जुड़े नियमों के संदर्भ में आया है। रिपोर्टों के मुताबिक हाईकोर्ट ने फैसले की प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस फैसले के बाद यूपी में हुक्का बार और सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का सेवा को लेकर पहले से चले आ रहे लाइसेंस एवं संचालन संबंधी दावों पर भी इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।


