
लखनऊ, 03 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के समग्र और भविष्यपरक विकास को लगातार नई गति मिल रही है। इसी सिलसिले में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और क्षेत्र के विकास में मिल रहे निरंतर सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। इस मुलाकात के दौरान क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास के अगले चरण का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के सहयोग से सरोजनीनगर में औद्योगिक विकास, रक्षा विनिर्माण, आधुनिक कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन और जनसुविधाओं का विस्तार हुआ है। अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) की 70 एकड़ में फैली ग्रीनफील्ड विनिर्माण इकाई, ब्रह्मोस (BrahMos) रक्षा परियोजना, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का लखनऊ नोड, उन्नत सड़क नेटवर्क व एक्सप्रेसवे, चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे आर्थिक क्षेत्र और आधुनिक आवासीय-वाणिज्यिक केंद्र इस बदलाव के प्रमुख प्रतीक हैं।
विकास के अगले चरण के लिए प्रस्तुत किए गए प्रमुख प्रस्ताव:
आज की भेंट के दौरान डॉ. सिंह ने क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए कई अहम प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता से संज्ञान लिया:
पंडित खेड़ा, गौरी और नीलमथा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों के लिए लगभग ₹500 करोड़ का विशेष अवस्थापना विकास पैकेज।
क्षेत्र में जल निकासी सुधार के लिए 10 प्रमुख नालों का निर्माण।
अवध विहार योजना और अंसल एपीआई (Ansal API) की शहीद पथ से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए रैम्प का निर्माण।
बंगला बाजार से बिजनौर रोड की दिशा में एलिवेटेड रोड का निर्माण।
अमौसी एयरो सिटी (Aero City) और नादरगंज एआई सिटी (AI City) की प्रगति में तेजी लाना।
बंथरा में विशिष्ट मंडी स्थल की स्थापना।
‘विरासत-ए-खालसा तीर्थस्थल’ को राज्य कार्ययोजना 2026-27 में शामिल करना।
उद्योग, रक्षा और तकनीक का हब बनता सरोजनीनगर:
सरोजनीनगर में रक्षा और रणनीतिक विनिर्माण को विशेष बढ़ावा मिल रहा है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत ब्रह्मोस-एनजी (BrahMos-NG) परियोजना और रक्षा परीक्षण अवसंरचना जैसी पहलों से उच्च तकनीक व रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इसके अलावा, एयरपोर्ट के नजदीक स्थापित अशोक लेलैंड की अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड फैक्ट्री ‘क्लीन मोबिलिटी’ और ‘नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी’ के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही है।
कनेक्टिविटी के मोर्चे पर लखनऊ एयरपोर्ट, शहीद पथ, कानपुर रोड और आउटर रिंग रोड ने उद्योग, रसद (logistics) और वाणिज्यिक गतिविधियों को मजबूत आधार दिया है। साथ ही, एआई सिटी के प्रस्तावित फेज-1 के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपटेक (DeepTech) और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं क्षेत्र को तकनीकी और आर्थिक रूप से उन्नत बनाएंगी।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का विस्तार:
क्षेत्र में विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य विरासत को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय नौसेना की वीरता को समर्पित ₹19 करोड़ की लागत से बनी ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ (Open-Air Display Museum) शैक्षिक पर्यटन को नया आयाम दे रही है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरोजनीनगर अब उद्योग, रक्षा, तकनीक, रोजगार और सांस्कृतिक विरासत के समन्वय से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसे स्थानीय नागरिक सुविधाओं के विस्तार के साथ और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।



