उन्नाव पुलिस की पहल लाई रंग, काउंसलिंग के जरिए 21 विवादित दंपती साथ रहने को राजी

जिला संवाददाता — देवेंद्र तिवारी, Kisan Mail News
उन्नाव। पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद दूर कर परिवारों को टूटने से बचाने के उद्देश्य से उन्नाव पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र और महिला हेल्पडेस्क की पहल सकारात्मक रही। काउंसलिंग के माध्यम से 21 विवादित दंपतियों ने आपसी सहमति से फिर साथ रहने का निर्णय लिया। पुलिस और परिवार परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों की समस्याएं सुनकर उनके बीच संवाद स्थापित कराया और विवादों को सुलझाने का प्रयास किया।
एसएसपी के निर्देशन में हुई सुनवाई
यह पहल एसएसपी जय प्रकाश सिंह के निर्देशन और एसपी उत्तरी आयुष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित सुनवाई के दौरान सामने आई। परिवार परामर्श केंद्र और महिला हेल्पडेस्क की टीम ने दंपतियों को आपसी मतभेद दूर करने तथा वैवाहिक जीवन में संवाद और विश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक रेखा सिंह और डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने परामर्श प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परिवार परामर्शदाताओं और महिला पुलिसकर्मियों ने पति-पत्नी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया।
परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना से चार-चार जोड़ों में समझौता
पुलिस के अनुसार, परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना से चार-चार जोड़े आपसी सहमति के बाद साथ रहने को राजी हुए। इसके अलावा विभिन्न थानों से आए दंपतियों के विवादों का भी परामर्श के माध्यम से समाधान कराया गया।
थाना मौरावां से तीन जोड़े, जबकि बारासगवर, सोहरामऊ और पुरवा थानों से दो-दो जोड़े साथ रहने को सहमत हुए। वहीं, थाना दही, आसीवन, बीघापुर और औरास से एक-एक जोड़े ने आपसी सहमति से वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
मतभेद भुलाकर साथ रहने का लिया संकल्प
परामर्श के दौरान दंपतियों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझने, आपसी विश्वास बनाए रखने और छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचने के लिए प्रेरित किया गया। समझौते के बाद दंपती भविष्य में मिल-जुलकर रहने और आपसी कलह को पीछे छोड़ने के संकल्प के साथ विदा हुए।
परिवारों को टूटने से बचाने का प्रयास
उन्नाव पुलिस की इस पहल का उद्देश्य वैवाहिक विवादों को संवाद और परामर्श के माध्यम से सुलझाना तथा परिवारों को बिखरने से बचाने का प्रयास करना है। परिवार परामर्श केंद्र और महिला हेल्पडेस्क के माध्यम से पुलिस ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देती है, ताकि आपसी सहमति से विवादों का समाधान निकाला जा सके।



