उन्नाव: मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत दही पुलिस का जागरूकता अभियान, बिना हेलमेट वालों को फूल देकर समझाया यातायात नियमों का महत्व

शारदीय नवरात्रि के तृतीय दिवस पर आवास विकास सेल्फी प्वाइंट और पुरवा मोड़ तिराहे पर चला अभियान, महिला पुलिसकर्मियों व छात्राओं ने लोगों को किया जागरूक
संवाददाता — सचिन पांडेय, Kisan Mail New
उन्नाव। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत थाना दही पुलिस ने शारदीय नवरात्रि के तृतीय दिवस पर यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों और स्कूली छात्राओं ने वाहन चालकों को हेलमेट पहनने तथा यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को पुलिसकर्मियों ने पुष्प देकर सम्मानपूर्वक जागरूक किया।
यह अभियान थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया। मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी उपनिरीक्षक कृष्ण चंद्र शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियान की जिम्मेदारी संभाली। आवास विकास स्थित सेल्फी प्वाइंट चौराहे और दही चौकी के पुरवा मोड़ तिराहे पर यातायात का सुचारु संचालन कराते हुए लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
पुष्प देकर हेलमेट पहनने का दिया संदेश
अभियान के दौरान महिला आरक्षियों और छात्राओं ने बिना हेलमेट वाहन चला रहे लोगों को फूल देकर समझाया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने के जोखिम को कम करने में मदद करता है। लोगों से अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की गई।
नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सलाह देते हुए चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। अभियान के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील भी की गई।
नारी शक्ति की पहल की लोगों ने की सराहना
मिशन शक्ति के तहत चलाए गए इस अभियान में महिला पुलिसकर्मियों और छात्राओं की भागीदारी आकर्षण का केंद्र रही। लोगों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाने का आश्वासन दिया। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जिम्मेदार बनाना रहा।



