ब्यूरो ऋषभ तिवारी
किसान मेल | राष्ट्रीय डेस्क
नई दिल्ली/लखनऊ। देशभर में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के 2026 इक्विटी रेगुलेशन और आरक्षण व्यवस्था को लेकर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक प्रदर्शन, नारेबाजी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। इस बीच सबसे बड़ा घटनाक्रम यह सामने आया है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि विवादित UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 पर पुनर्विचार किया जा रहा है।

क्या है पूरा UGC विवाद?
UGC ने उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव और असमानता से जुड़ी शिकायतों से निपटने के लिए नए इक्विटी रेगुलेशन की व्यवस्था प्रस्तावित की थी। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव की शिकायतों के समाधान के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करना था।
हालांकि, इन नियमों को लेकर कई संगठनों और छात्र समूहों ने आपत्ति जताई। विरोध करने वालों का कहना है कि नियमों की कुछ धाराएं अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका है। इसके बाद देश के कई हिस्सों में UGC के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध शुरू हुआ।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
UGC के इक्विटी रेगुलेशन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हालिया सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि सरकार इन नियमों की समीक्षा कर रही है और उन पर पुनर्विचार किया जा रहा है।
हालांकि, अभी नियमों को पूरी तरह वापस लेने या रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार की समीक्षा प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर पुलिस अलर्ट
23 अगस्त को दिल्ली में UGC नियमों और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन की अपील सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है।
इसके बाद शाह ऑडिटोरियम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और बिना अनुमति किसी प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की।
लखनऊ में भी प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के बैनर तले UGC और आरक्षण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया गया। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन में 300 से अधिक लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए UGC नियमों और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई। इस दौरान प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाले जाने की बात सामने आई है। प्रदर्शन के चलते आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ।
आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी बढ़ी बहस
UGC के नए नियमों के विवाद के साथ ही आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी अलग-अलग संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है। कुछ संगठन आरक्षण नीति की समीक्षा और इसमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर आरक्षण समर्थक संगठनों का कहना है कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को बराबरी का अवसर देने के लिए आरक्षण व्यवस्था जरूरी है। ऐसे में UGC विवाद ने देश में आरक्षण और समानता को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।
UGC-NET का मामला अलग
इसी दौरान UGC-NET परीक्षा को लेकर भी छात्र परेशान हैं। परीक्षा के कुछ विषयों में सामने आई त्रुटियों के बाद संबंधित विषयों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है।
छात्र संगठनों ने परीक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की है।
अब तक की स्थिति
फिलहाल UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर विवाद जारी है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नियमों पर पुनर्विचार की बात कही है, लेकिन अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है, जबकि लखनऊ में विरोध प्रदर्शन हो चुका है। देश के अलग-अलग हिस्सों में UGC नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर आंदोलन की स्थिति बनी हुई है।
किसान मेल की अपील: इस संवेदनशील मुद्दे से जुड़ी किसी भी खबर या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। अफवाहों से बचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
किसान मेल | राष्ट्रीय डेस्क



