अपराजिता जज़्बा जीत का नेशनल वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन वाद- विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन।
लखनऊ, 29 सितंबर 2026
अपराजिता जज़्बा जीत का नेशनल वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वाधान सायं 6:00 बजे Google Meet पर ‘नारी की सफलता / समानता में परिवार – सहयोगी या चुनौती’ विषय पर ऑनलाइन वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट की अध्यक्ष प्रो. सीमा सरकार ने की। संस्थापक डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण में कहा कि नारी सशक्तिकरण में परिवार की भूमिका पर खुला विमर्श आज की सबसे बड़ी जरूरत है। संरक्षक अंजलि सक्सेना ने सभी प्रतिभागियों के साहस और विचारों की सराहना की। संस्था की परामर्शदाता डॉ सृष्टि श्रीवास्तव ने भी सभी अपराजिताओं के विचारों पर चर्चा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन उपसचिव शिखा श्रीवास्तव ने किया।
प्रतियोगिता में 15 वक्ताओं ने भाग लिया। सहयोगी पक्ष से पूजा श्रीवास्तव, किरन श्रीवास्तव, नीति शुक्ला, अपर्णा सक्सेना, कल्पना मिश्रा, संदीप कौर, डॉ. वत्सला शर्मा, अर्चना श्रीवास्तव और गीता बाली श्रीवास्तव ने परिवार को नारी की उड़ान का आधार बताया। वहीं चुनौती पक्ष से निधि सक्सेना, रश्मि शरद, रश्मि सिंह, डॉ. सुकन्या तिवारी, दिव्या श्रीवास्तव और पूजा सैनी ने सामाजिक रूढ़ियों और पारिवारिक बंधनों से जुड़ी चुनौतियों को बेबाकी से रखा।
वक्ताओं ने कहा कि कई बार परिवार बेटियों का सबसे बड़ा संबल बनता है तो कई बार वही अनजाने में उनकी राह में बाधा भी बन जाता है। अंत में यह निष्कर्ष निकला कि परिवार और नारी एक-दूसरे के पूरक हैं और आपसी संवाद से ही समानता का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
प्रतियोगिता के लिए निर्णायक मंडल में डॉ. गीताली रस्तोगी, सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र विभाग, नवयुग कन्या महाविद्यालय लखनऊ और श्रीमती रेखा कुमार, पूर्व प्राचार्या LPS एवं काठमांडू इंटरनेशनल कॉलेज शामिल रहीं। निर्णायक मंडल द्वारा शीघ्र ही परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन उपस्थित वरिष्ठ सदस्यों द्वारा एक सर्वश्रेष्ठ वक्ता का चयन कर क्रिटिक अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य सदस्यों रीता महाजन,मंजुला यादव आदि ने अपने विचार भी साझा किए।




