‘धरती आबा बिरसा मुंडा’ के मंचन से जीवंत हुआ जनजातीय नायक का संघर्ष

जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी, Kisan Mail News
उन्नाव। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निराला प्रेक्षागृह में ‘धरती आबा बिरसा मुंडा’ नाटक का मंचन किया गया। भारतेन्दु नाट्य अकादमी, संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने जनजातीय नायक बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और योगदान को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
ज्ञानेश्वर मिश्र ‘ज्ञानी’ के निर्देशन में हुए नाटक में जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए बिरसा मुंडा के संघर्ष को दर्शाया गया। इसके साथ ही उलगुलान क्रांति और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान की गाथा को भी मंचित किया गया, जिसे दर्शकों ने रुचि के साथ देखा।
नाटक में आदिवासी समाज के बीच आत्मसम्मान और जागरूकता की भावना जगाने के बिरसा मुंडा के प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया। उनके खिलाफ अंग्रेजी शासन की कार्रवाई, उन्हें पकड़वाने के लिए घोषित इनाम और विश्वासघात की घटना को भी नाट्य रूपांतरण के माध्यम से दिखाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पर्यटन अधिकारी रेनू चंद्रा सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।



