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योगी जी के चुनौती स्वीकार करते ही अखिलेश यादव के हौसले पस्त! क्या हार के डर से सपा ने चुनाव से पहले ही हथियार डाल दिए? : डॉ. राजेश्वर सिंह


10-10-2026
सरोजनी नगर, लखनऊ

  • अयोध्या से लड़ने की चुनौती अखिलेश जी ने दी, योगी जी ने स्वीकार की—अब भाग क्यों रहे हैं? हार का डर है या पहले ही मान ली हार? : डॉ. राजेश्वर सिंह
  • अयोध्या से लड़ने की चुनौती योगी जी ने स्वीकार की तो अखिलेश यादव और सपा ने किया सरेंडर! क्या सपा ने चुनाव से पहले ही हार मान ली है? : डॉ. राजेश्वर सिंह
  • योगी जी के चुनौती स्वीकार करते ही अखिलेश यादव के हौसले पस्त! क्या हार के डर से सपा ने चुनाव से पहले ही हथियार डाल दिए? : डॉ. राजेश्वर सिंह
  • चुनौती दी अखिलेश यादव ने, योगी जी के स्वीकार करते ही हौसले पस्त! अपने ही शब्दों से पीछे हटकर जनता के सामने क्या जवाब देंगे सपा प्रमुख: डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अयोध्या से मुकाबले की चुनौती अखिलेश यादव जी ने स्वयं दी थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा चुनौती स्वीकार किए जाने के बाद अब उनके रुख पर सवाल उठ रहे हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है—“आप भी लड़िए, हम भी लड़ते हैं।” लेकिन योगी जी के चुनौती स्वीकार करते ही अखिलेश यादव और सपा के हौसले पस्त क्यों हो गए? क्या अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के बाद अब हार का डर सता रहा है? क्या अखिलेश यादव और सपा ने चुनाव से पहले ही हार मानकर सरेंडर कर दिया है?

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब चुनौती उन्होंने स्वयं दी थी, तो उसे स्वीकार किए जाने के बाद पीछे हटने की नौबत क्यों आ रही है। यदि उन्हें अपने नेतृत्व और जनसमर्थन पर भरोसा है, तो अयोध्या से चुनाव लड़ने की घोषणा करने में संकोच क्यों? अपने ही शब्दों से पीछे हटना कैसी राजनीति है? चुनौती देना आसान है, लेकिन उसे स्वीकार किए जाने पर अपने वादे से पीछे हटना राजनीतिक इच्छाशक्ति और नेतृत्व पर सवाल खड़े करता है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “भागिए मत, अखिलेश जी! चुनौती आपने दी, योगी जी ने स्वीकार की। अब हिम्मत जुटाइए और मैदान में उतरिए। उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरा देश आपको देख रहा है। क्या हार के डर से आपने और आपकी पार्टी ने चुनाव से पहले ही हथियार डाल दिए हैं? क्या सपा ने पहले ही हार मान ली है? यदि ऐसा नहीं है, तो अयोध्या से चुनाव लड़ने का ऐलान कीजिए और जनता के सामने मुकाबला कीजिए।”

उन्होंने कहा कि राजनीति में विश्वसनीयता बयानबाजी से नहीं, बल्कि अपने शब्दों पर कायम रहने से बनती है। अब अखिलेश यादव जी को तय करना है कि वह अपनी चुनौती पर अडिग रहेंगे या चुनौती स्वीकार होते ही पीछे हटने का संदेश देंगे। जनता सब देख रही है और जवाब भी मांग रही है।

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