उन्नाव: राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त, उपायुक्त उद्योग का वेतन रोकने के निर्देश

सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग और बैठक से गैरहाजिरी पर स्पष्टीकरण तलब, बकायेदारों से वसूली तेज करने के निर्देश
जिला संवाददाता — देवेंद्र तिवारी, Kisan Mail News
उन्नाव। जिले में राजस्व वसूली की प्रगति और विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग और समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर उपायुक्त उद्योग से स्पष्टीकरण तलब किया गया। साथ ही अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वाणिज्य कर, स्टांप एवं पंजीकरण, वन, खनन, सिंचाई और मंडी सहित विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली करने वाले विभागों के अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए राजस्व संग्रह में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए अधिकारी गंभीरता से काम करें और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
बकायेदारों से वसूली में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़े बकायेदारों से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जाए। वसूली की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्य समय से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
जिला खनन अधिकारी को एम-चेक के माध्यम से की गई कार्रवाई के आधार पर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य किया जाए।
पुराने वादों के निस्तारण पर जोर
समीक्षा बैठक में तहसील न्यायालयों में लंबित तीन और पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेकर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही अंश निर्धारण से संबंधित लंबित प्रकरणों और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने को कहा गया, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय से मिल सके।
एक माह में घरौनी संबंधी कार्य पूरा करने का लक्ष्य
स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने घरौनी से संबंधित कार्यों को अभियान चलाकर एक माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की नियमित निगरानी करने और प्रगति में तेजी लाने को कहा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली, लंबित वादों के निस्तारण और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित किया जाए।



