उपेक्षा से विकास की नई पहचान तक पहुंची अयोध्या, सीएम योगी ने साझा की पुरानी और नई तस्वीर

ब्यूरो रिपोर्ट: ऋषभ तिवारी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 1 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अयोध्या की पुरानी और वर्तमान तस्वीर साझा करते हुए वर्ष 2017 से पहले की स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर अयोध्या की उपेक्षा और तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय प्रभु श्रीराम की नगरी उपेक्षा और अव्यवस्था का सामना कर रही थी। श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और नगर की व्यवस्थाएं भी अपेक्षित स्तर पर नहीं थीं।
रामनगरी में विकास परियोजनाओं से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या की प्राचीन गरिमा को आधुनिक विकास से जोड़ने का काम किया गया है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन जैसी परियोजनाओं ने अयोध्या के बुनियादी ढांचे और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विस्तार दिया है।
उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों का असर केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल रहा है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से कारोबारियों को नए अवसर मिल रहे हैं और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बन रही हैं।
विरासत और आधुनिकता के संग आगे बढ़ रही अयोध्या
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अयोध्या आज अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने इसे सनातन आस्था, संस्कृति और आराधना का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि रामनगरी ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति बताते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिय नगरी अपनी प्राचीन पहचान के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री की यह पोस्ट अयोध्या में बीते वर्षों के दौरान हुए बदलावों और विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को सामने रखती है।



