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अजीत सिंह की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, शशांक सिंह ने दिखाई सेवा की विरासत

ब्यूरो ऋषभ तिवारी

22वीं पुण्यतिथि पर भव्य सेवा सप्ताह का समापन, हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि; मेधावियों से लेकर दिव्यांगजनों तक को मिली मदद

उन्नाव। पूर्व एमएलसी स्वर्गीय अजीत सिंह की 22वीं पुण्यतिथि पर उनके पुत्र शशांक सिंह की ओर से आयोजित सेवा सप्ताह का भव्य समापन कब्बा खेड़ा स्थित अरोड़ा रिसॉर्ट में हुआ। श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ी भीड़ ने आयोजन को यादगार बना दिया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों ने स्व. अजीत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

सेवा सप्ताह के समापन समारोह में जनसेवा और सामाजिक सरोकारों की झलक साफ दिखाई दी। रक्तदान शिविर से लेकर मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, जरूरतमंदों को श्रवण यंत्र और मेडिकल कैंप तक कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पिता की विरासत को सेवा के जरिए आगे बढ़ाने का संदेश

शशांक सिंह ने अपने पिता स्व. अजीत सिंह की पुण्यतिथि को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया। पूरे सप्ताह जरूरतमंदों की मदद के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह की मौजूदगी भी रही। परिवार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।

रक्तदान से लेकर छात्रवृत्ति तक

सेवा सप्ताह के दौरान सैकड़ों लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद का संदेश दिया। वहीं कक्षा पांच, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल और कम सुनने वाले जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र वितरित किए गए। मेडिकल कैंप में लोगों की स्वास्थ्य जांच कर चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श दिया।

समाज के विभिन्न वर्गों का सम्मान

समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षकों, पूर्व सैनिकों और ब्राह्मण समाज के लोगों को भी सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों का सम्मान करना भी जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वक्ताओं ने कहा- जनसेवा ही थी अजीत सिंह की पहचान

कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. अजीत सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति को केवल पद और प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं माना, बल्कि जनता से जुड़कर सेवा करना उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहा। उनके विचारों और सेवा भावना को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता

कार्यक्रम में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, भूपेंद्र चौधरी समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने स्व. अजीत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सेवा सप्ताह के समापन पर शशांक सिंह ने कहा कि स्व. अजीत सिंह की स्मृतियों को जीवंत रखने का सबसे बेहतर माध्यम जनसेवा है। जरूरतमंदों की मदद, शिक्षा को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सम्मान के कार्य आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।

अरोड़ा रिसॉर्ट में उमड़ी भीड़ और पूरे आयोजन में दिखी जनभागीदारी ने साफ कर दिया कि स्व. अजीत सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित सेवा सप्ताह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनकी जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास रहा।

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