PDA में ‘P’ का मतलब ‘पंडित’ बताकर घिरे अखिलेश यादव, विपक्ष और सियासत में छिड़ी नई बहस

लखनऊ, 7 अगस्त।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ताजा बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अखिलेश यादव ने अपने हालिया संबोधन में कहा कि PDA में ‘P’ का मतलब ‘पंडित’ भी है, जिसे राजनीतिक गलियारों में ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस बयान के बाद विरोधियों ने सवाल उठाए हैं कि अब तक PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया जाता रहा, फिर अचानक ‘P’ को ‘पंडित’ बताने की जरूरत क्यों पड़ी। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों को साधने की नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से PDA फार्मूले के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को जोड़ने की कोशिश कर रही थी। अब ब्राह्मण समाज को भी इस दायरे में शामिल करने का संदेश देकर पार्टी अपने जनाधार का विस्तार करना चाहती है। हालांकि विपक्षी दल इसे सपा की बदली हुई चुनावी रणनीति और वोट बैंक की राजनीति से जोड़ रहे हैं।
फिलहाल अखिलेश यादव के इस बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।



