ब्राह्मण सम्मान और सुशासन पर भाजपा का भरोसा, विपक्ष पर चुनावी राजनीति का आरोप

ब्यूरो ऋषभ तिवारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि विपक्ष चुनाव नजदीक आते ही ब्राह्मण समाज को लेकर नई-नई बातें कर रहा है, जबकि भाजपा ने अपने शासनकाल में सभी वर्गों के सम्मान और विकास को प्राथमिकता दी है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया है और शासन की नीतियां किसी जाति विशेष के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू की गई हैं। पार्टी का दावा है कि सरकार ने विकास, सुरक्षा, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया है, जिसका लाभ ब्राह्मण समाज सहित सभी वर्गों को मिला है।
भाजपा का आरोप है कि समाजवादी पार्टी चुनाव नजदीक आने पर ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश कर रही है, जबकि सत्ता में रहने के दौरान उसका रवैया अलग था। पार्टी नेताओं का कहना है कि जनता अब केवल बयानों से नहीं, बल्कि पिछले वर्षों के कामकाज और सुशासन के आधार पर फैसला करेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की अनेक विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण मतदाता प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सभी दल इस वर्ग का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि भाजपा का कहना है कि उसका आधार केवल जातीय समीकरण नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और मजबूत कानून-व्यवस्था है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक दल अपने-अपने दावों को जनता के बीच किस तरह प्रस्तुत करते हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज को लेकर बढ़ी सक्रियता ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।



