कोरारी कला में दूसरे दिन भी मिले मृत गोवंश, ग्रामीणों का आरोप- तीन दिनों से लाला हार में फेंके जा रहे शव
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
उन्नाव /अचलगंज।।कोरारी कला गांव के बाहर खेतों में मृत गोवंश मिलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार शाम जमुका रोड पर करीब एक दर्जन गोवंशों के शव मिलने के बाद शुक्रवार सुबह गांव के बाहर लाला हार में दो और मृत गोवंश पाए गए। ग्रामीणों के अनुसार, लाला हार में पिछले तीन दिनों से लगातार मृत गोवंश लाकर फेंके जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मृत गोवंशों के स्थानीय गोशाला से होने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
गुरुवार देर शाम जमुका रोड पर गांव से करीब दो किलोमीटर आगे खाली पड़े खेत में एक साथ करीब एक दर्जन गोवंशों के शव पड़े मिले। कोचिंग पढ़ने जा रहे छात्र अंकित चौधरी ने इसकी सूचना पीआरवी को दी। बड़ी संख्या में गोवंशों के शव मिलने की जानकारी पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूचना पर तहसीलदार सदर मनीष द्विवेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी विनोद कुमार समेत पुलिस और प्रशासनिक अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा। शवों को तत्काल दफनाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पहले चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सभी मृत गोवंशों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद देर रात करीब एक बजे जेसीबी की मदद से शवों को खाली भूमि में दफन कराया गया।
तीन दिनों से शव फेंके जाने का ग्रामीणों का दावा
शुक्रवार सुबह गांव के बाहर लाला हार में दो अन्य मृत गोवंश मिलने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से लगातार लाला हार में मृत गोवंशों के शव फेंके जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय मृत मवेशियों को यहां लाकर छोड़ दिया जाता है।
ग्रामीण मोनू रावत और अंकित सिंह का आरोप है कि गांव की गोशाला में गोवंशों की हालत खराब है और आए दिन मवेशियों की मौत हो रही है। उनका दावा है कि मृत गोवंशों को रात के समय गोशाला से बाहर खेतों में फेंका जाता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पंचायत अधिकारी ने आरोपों से किया इनकार
पंचायत अधिकारी संदीप मिश्र ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि गोशाला में वर्तमान में कुल 105 गोवंश मौजूद हैं। उनके अनुसार खेतों में मिले मृत गोवंश गोशाला के नहीं हैं।
एक ही क्षेत्र में लगातार मृत गोवंश मिलने और ग्रामीणों द्वारा तीन दिनों से शव फेंके जाने का दावा किए जाने के बाद मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासनिक जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि मृत गोवंशों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव खेतों में कैसे पहुंचे।
सबसे बड़ा सवाल—इतनी बड़ी संख्या में मृत गोवंश आखिर आए कहां से?
ग्रामवासियों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से लाला हार में लगातार मृत गोवंश फेंके जा रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए गोशाला की व्यवस्थाओं और वहां दिए जाने वाले चारे/खाने की सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
एक तरफ गोशाला में 105 गोवंश मौजूद होने की बात कही जा रही है, दूसरी तरफ खेतों में लगातार शव मिल रहे हैं। आखिर इन गोवंशों की मौत कैसे हुई और शव यहां कौन ला रहा है? प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
मृत गोवंश मामले में ग्रामीणों का आक्रोश, प्रधान पर आरोपों के बीच प्रधान पुत्र को ग्रामीणों ने घेरा। ग्रामीणों ने मामले को लेकर सवाल-जवाब करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।



