उन्नाव में एक्सप्रेसवे की सड़क चार जगह धंसी, 250 मीटर हिस्सा उखड़ा

बारिश के बाद फिर सामने आई सड़क की खामियां, कई स्थानों पर मरम्मत का काम जारी
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और उखड़ने का सिलसिला लगातार जारी है। बारिश के बाद उन्नाव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे की सड़क चार अलग-अलग स्थानों पर धंस गई, जबकि करीब 250 मीटर हिस्से की सड़क उखड़ने की जानकारी सामने आई है। इससे एक्सप्रेसवे के निर्माण और सड़क की मजबूती को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं।
एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के बाद से ही अलग-अलग स्थानों पर सड़क दबने और ऊपरी परत खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इससे पहले भी कोरारी, बेगमखेड़ा, जगेथा और अन्य स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई जगह निर्माण एजेंसी ने मरम्मत कराई, लेकिन बारिश के बाद फिर नई जगहों पर सड़क प्रभावित हो गई।
अड़ेरुआ में सड़क धंसी
आजाद मार्ग टोल प्लाजा की ओर किमी संख्या 62 के पास अड़ेरुआ गांव के सामने सड़क करीब 30 मीटर के हिस्से में जगह-जगह दब गई। प्रभावित हिस्से को चिह्नित कर उसकी मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। इसी क्षेत्र में किमी संख्या 62.5 के पास भी सड़क दबने की स्थिति सामने आई।
नेवरना में 100 मीटर हिस्से में बनीं नालियां
नेवरना गांव के पास किमी संख्या 58 से 59 के बीच करीब 100 मीटर सड़क दब गई। सड़क पर पहियों के दबाव से गहरी लकीरें और नालीनुमा निशान बन गए हैं। इससे इस हिस्से से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी हो रही है।
भटखेरवा में भी सड़क प्रभावित
किमी संख्या 49 के पास भटखेरवा गांव के सामने करीब 50 मीटर सड़क धंसने की स्थिति सामने आई। वहीं दूसरी दिशा की लेन में भी करीब 50 मीटर हिस्से को उखाड़कर दोबारा सड़क तैयार करने का काम कराया जा रहा है।
सहरावां नहर पुल पर उखड़ी सड़क की परत
लखनऊ की ओर किमी संख्या 31.5 पर सहरावां नहर पुल के ऊपर सड़क की ऊपरी डामर-गिट्टी की परत बारिश के बाद उखड़ गई। सड़क पर गिट्टी फैलने के कारण वाहनों के आवागमन को प्रभावित हिस्से से सावधानीपूर्वक कराया जा रहा है और मरम्मत का काम चल रहा है।
बाबाखेड़ा अंडरपास के पास डिवाइडर तिरछा
किमी संख्या 53.6 पर बाबाखेड़ा अंडरपास के ज्वाइंट के पास सड़क दबने से डिवाइडर भी तिरछा दिखाई दिया। डिवाइडर के जोड़ में खुलाव और आसपास पानी जमा होने की स्थिति सामने आई। मौके पर मौजूद जेई के अनुसार कंक्रीट के बोल्डर टूटे नहीं हैं, बल्कि जोड़ खुलने के कारण डिवाइडर की स्थिति ऐसी हुई है।
पहले भी कई स्थानों पर धंस चुकी है सड़क
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई और अगस्त में भी अलग-अलग स्थानों पर सड़क दबने की घटनाएं सामने आई थीं। 25 जुलाई को कोरारी गांव के सामने सड़क धंसने की घटना हुई थी। इसके बाद बेगमखेड़ा और जगेथा समेत कई स्थानों पर सड़क में नालीनुमा धंसाव सामने आया। अगस्त में बारिश के दौरान एक ही दिन कई स्थानों पर सड़क धंसने और जलभराव की स्थिति भी सामने आई थी।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच अब चार नए स्थानों पर सड़क धंसने और करीब 250 मीटर सड़क उखड़ने से एक्सप्रेसवे की स्थिति पर चर्चा तेज हो गई है। निर्माण एजेंसी द्वारा प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है।
किसान मेल ब्यूरो
ऋषभ तिवारी



