आर्थिक कठिनाई के कारण कोई प्रतिभाशाली बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, पिछले 20 वर्षों से यही प्रयास : अंकित सिंह परिहार

भगवंतनगर। परिवार क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा और सफलता को अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी और संतोष बताते हुए अंकित सिंह परिहार ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से उनका निरंतर प्रयास रहा है कि परिवार क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा आर्थिक कठिनाई के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ उन्होंने जरूरतमंद और प्रतिभाशाली बच्चों की उच्च शिक्षा में अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग का प्रयास लगातार जारी रखा है।
इसी क्रम में परिवार क्षेत्र के बच्चों—गरिमा निषाद, अनेन्द्र सिंह चौहान, आस्था रावत, अनुजा पटेल, अखिल अवस्थी, सुनिधि गौतम एवं अंशिका यादव—की मेडिकल, इंजीनियरिंग, एमबीए एवं अन्य उच्च शिक्षा की फीस में कुल ₹5,27,000/- (पाँच लाख सत्ताईस हजार रुपये) का सहयोग करने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ।

अंकित सिंह परिहार ने कहा कि उनके लिए यह केवल फीस में आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि अपने परिवार के किसी बच्चे के सपने को मजबूती देने और उसके माता-पिता की चिंता को थोड़ा कम करने का प्रयास है। उनका मानना है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे की प्रतिभा और उसके सपनों के बीच दीवार नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व और संतोष है कि ऐसे ही छोटे-छोटे प्रयासों से हमारे परिवार क्षेत्र के हजारों बच्चे आज डॉक्टर, इंजीनियर और विभिन्न क्षेत्रों में देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं। बच्चों की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा, “मेरी राजनीति का उद्देश्य भी यही है—हमारे युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, हुनर और स्वावलंबन की दिशा देना।” उनका प्रयास है कि हमारे युवा शिक्षा और हुनर के माध्यम से अपने भविष्य को मजबूत बनाएं और आत्मनिर्भर बनें।
अंकित सिंह परिहार ने कहा कि वह चाहते हैं कि हमारे बच्चे किसी के पीछे चलने के बजाय अपने सपनों के पीछे चलें, अपने पैरों पर खड़े हों और अपने परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन करें।
उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से यही सोच रही है और आगे भी यही संकल्प रहेगा—हमारे परिवार का हर बच्चा शिक्षित, स्वावलंबी और सफल बने।




