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उन्नाव शहर में 149 जर्जर इमारतें बनीं खतरा, छह भवन पहले ही ढह चुके

ब्यूरो ऋषभ तिवारी

उन्नाव। शहर में जर्जर भवनों का मुद्दा एक बार फिर गंभीर हो गया है। शहर क्षेत्र में 149 जर्जर भवन ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनसे बारिश के दौरान हादसे का खतरा बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वर्ष 2023 से 2026 के बीच छह जर्जर इमारतें ढह चुकी हैं, जबकि कई घटनाओं में लोग घायल भी हुए हैं। 

इन भवनों को शहर के करीब 32 मोहल्लों में चिन्हित किया गया है। इनमें कल्याणी देवी क्षेत्र में 10, एबी नगर दक्षिणी और अकरमपुर में नौ-नौ, सिंगरौसी में आठ तथा आदर्श नगर, शांति नगर, गांधीनगर और कासिम नगर में सात-सात जर्जर भवन बताए गए हैं।

करीब डेढ़ साल पहले जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद कई भवनों पर प्रभावी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी को लेकर नगर पालिका और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय होने में देरी का सीधा असर शहरवासियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

बारिश के मौसम में पुराने भवनों की दीवारों और छतों के कमजोर होने का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में जर्जर भवनों को लेकर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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