उत्तर प्रदेश

चीनी-इथेनॉल के नाम पर किसानों के साथ बड़ा अन्याय, पूरे मामले की जांच हो: सुनील सिंह

किसान गन्ना उगाए, मिलें चीनी और इथेनॉल से कमाएं, फिर किसान के हिस्से में सिर्फ बकाया क्यों?

लखनऊ, 5 सितंबर 2026।
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने आज पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार की चीनी और इथेनॉल नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को देश के किसानों को यह बताना होगा कि चीनी और इथेनॉल से पैदा होने वाले आर्थिक लाभ में गन्ना किसान का हिस्सा आखिर कहां है?

उन्होंने कहा कि किसान खेत में खून-पसीना बहाकर गन्ना पैदा करता है। उसी गन्ने से चीनी बनती है और उसी से इथेनॉल का कारोबार खड़ा किया जा रहा है। जब मिलों और कारोबारियों के लिए कमाई के रास्ते बढ़ रहे हैं तो किसान की आमदनी और गन्ने के मूल्य में उसी अनुपात में बढ़ोतरी क्यों नहीं हो रही?

सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल को इस पूरे खेल में पारदर्शिता चाहिए, केवल सरकारी दावे नहीं। वर्ष 2014 से 2026 तक चीनी और इथेनॉल नीति के तहत हुए पूरे आर्थिक लेन-देन का हिसाब जनता के सामने रखा जाए।

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि चीनी और इथेनॉल के पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सीबीआई जांच होनी चाहिए। जांच में यह सामने आना चाहिए कि इस नीति से किसे कितना आर्थिक लाभ मिला, किसानों को कितना मिला और किसानों के हिस्से का वास्तविक लाभ कहां गया।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर अनियमितता, मिलीभगत या किसानों के हितों के साथ धोखा सामने आता है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

चीनी आयात पर सरकार की नीति पर सवाल

सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल की स्पष्ट मांग है कि चीनी के आयात पर सरकार तत्काल रोक लगाए।

उन्होंने सवाल किया—
“जब देश का किसान गन्ना पैदा कर रहा है, चीनी मिलें देश में मौजूद हैं और उसी गन्ने से इथेनॉल भी बनाया जा रहा है, तो फिर बाहर से चीनी मंगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?”इसके पीछे चीनी को क्यों मंगाया जा रहा है,कमीशन के पैसा दूसरे रास्ते से जनता के टैक्स के पैसो को लूटा जा रहा है

उन्होंने कहा कि यदि सरकार फिर भी चीनी का आयात करती है तो आयात की पूरी प्रक्रिया, कीमत, बिचौलियों और किसी भी प्रकार के कमीशन का हिसाब सार्वजनिक किया जाए।

उन्होंने कहा कि अगर चीनी आयात के नाम पर किसी को कमीशन या आर्थिक लाभ मिल रहा है तो उस पैसे का लाभ किसानों को मिलना चाहिए। किसान के नाम पर बनने वाली नीतियों का फायदा किसान को ही मिलना चाहिए।

सुनील सिंह का सरकार से सीधा सवाल

«“किसान गन्ना पैदा करे, किसान को भुगतान के लिए इंतजार करना पड़े, लेकिन उसी गन्ने से चीनी और इथेनॉल का कारोबार करने वालों का मुनाफा बढ़ता रहे यह व्यवस्था मंत्रियों के के परिवार के लिए सरकार आखिर क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि लोकदल कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों के हित में नहीं, बल्कि देश के किसान के हित में राजनीति करता है। सरकार को तय करना होगा कि उसकी नीतियां किसान के लिए हैं या कुछ बड़े कारोबारियों के लिए।

चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल की मांग है कि:

  1. चीनी-इथेनॉल के पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
  2. 2014 से 2026 तक का पूरा आर्थिक हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
  3. चीनी के आयात पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  4. आयात जारी रहने की स्थिति में कमीशन और आर्थिक लाभ का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाए और किसानों के हित में उसका उपयोग किया जाए।
  5. गन्ना किसान को लाभकारी मूल्य और समय पर पूरा भुगतान मिले।
  6. चीनी और इथेनॉल से होने वाले अतिरिक्त लाभ में किसान की न्यायसंगत हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए।

सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल इस मुद्दे को गांव-गांव और किसान तक ले जाएगा। किसान की मेहनत से किसी और की तिजोरी भरने की व्यवस्था को लोकदल स्वीकार नहीं करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button