यूपी में नए औद्योगिक क्षेत्रों की पहल, रोजगार और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने की तैयारी

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने विनिर्माण, रोजगार और कौशल विकास को एक साथ बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र शुरू करने की पहल की है। इसके तहत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के साथ प्रशिक्षण केंद्र और बैंकिंग सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 21 जिलों में आठ औद्योगिक क्षेत्रों को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की बात सामने आई है। इन केंद्रों को ऐसे परिसरों के रूप में तैयार करने की योजना है, जहां युवा उद्यमियों और उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
नौ क्षेत्रों में 16 कौशल केंद्र
परियोजना के तहत नौ क्षेत्रों में 16 नए कौशल केंद्र संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके लिए हब एंड स्पोक मॉडल अपनाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय औद्योगिक क्षमता और उपलब्ध निवेश अवसरों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
सरकार की योजना औद्योगिक इकाइयों के साथ कौशल प्रशिक्षण को जोड़ने की है, ताकि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जा सके और रोजगार के अवसरों से उनका सीधा जुड़ाव हो।
उद्योगों की भागीदारी पर जोर
प्रस्तावित प्रशासनिक ढांचे में प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इसमें उद्योग जगत की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख निवेशकों को महत्वपूर्ण भूमिका देने की योजना है।
परियोजना का ढांचा तैयार करने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र में लागू औद्योगिक मॉडलों का अध्ययन किए जाने की जानकारी दी गई है। टाटा समूह की कुछ औद्योगिक पहलों से मिले अनुभवों को भी प्रस्तावित मॉडल की रूपरेखा तैयार करने में उपयोग किए जाने की बात सामने आई है।
सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक बुनियादी ढांचे, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता और निवेश को एक ही व्यवस्था से जोड़कर प्रदेश में रोजगार एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।



