लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने वाला निकला किसान का साला, जीजा-साले गिरफ्तार

उन्नाव। नवाबगंज कस्बे में ई-रिक्शा एजेंसी संचालक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि धमकी के पीछे किसी गैंग का सदस्य नहीं, बल्कि जमीन का सौदा करने वाला किसान और उसका साला शामिल थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
नवाबगंज निवासी ई-रिक्शा एजेंसी संचालक देवेंद्र प्रताप सिंह ने नौ अगस्त को पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि उनके व्हाट्सऐप पर एक अज्ञात नंबर से लगातार वॉयस रिकॉर्डिंग भेजी जा रही हैं। इन संदेशों में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
धमकी देने वाले ने देवेंद्र प्रताप सिंह, उनके भाई समेत चार लोगों को जमीन का बैनामा वापस नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
सीडीआर से खुला पूरा राज
पुलिस ने धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली तो मामले की कड़ी माखी थाना क्षेत्र के हुलासखेड़ा गांव निवासी किसान राजेंद्र तक पहुंची। जांच में पता चला कि जिस किसान से पीड़ित ने जमीन का बैनामा कराया था, उसी के साले शिवनंदन ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर धमकी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, शिवनंदन उस समय पंजाब में था। उसने अपने जीजा राजेंद्र के कहने पर ई-रिक्शा एजेंसी संचालक को धमकी भरे वॉयस मैसेज भेजे थे।
जमीन के विवाद में रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मामला जमीन के बैनामे से जुड़ा था। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर पीड़ित को डराने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल किया गया। मोबाइल नंबर की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली प्रभारी सुरेश सिंह के अनुसार, जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी जीजा-साले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
इस घटना से साफ है कि गैंग का नाम लेकर धमकी देने की कोशिश भी पुलिस की तकनीकी जांच से छिप नहीं सकी। सीडीआर की जांच के बाद पुलिस ने कथित साजिश में शामिल दोनों लोगों तक पहुंच बनाई।
किसान मेल ब्यूरो
ऋषभ तिवारी


