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उन्नाव में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल, 408 में 208 नमूने फेल

जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी

उन्नाव। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की स्थिति चिंताजनक सामने आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से 408 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे थे। जांच में 208 नमूने फेल पाए गए।

रिपोर्ट के अनुसार खोया, दूध, पनीर, छेना, बेसन, रवा और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों में मानक संबंधी कमियां सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम न्यायालय में मामले दाखिल किए गए, जिनमें 10 मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद जुर्माना भी लगाया जा चुका है।

एक मामले में बेसन और रवा के पैकेट पर पोषक तत्वों की गलत जानकारी मिलने पर कंपनी पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। बीघापुर की दुकान से लिए गए छेने के नमूने में मैदा की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक मिली, जिस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसी तरह श्रीरामनगर में लिए गए पनीर के नमूने में वसा की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई। इस मामले में भी पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मिश्रित दूध में पानी की अधिक मात्रा, पेड़े में अधिक रंग तथा बेसन के लड्डू और रंगीन कचरी में मानक से ज्यादा रंग पाए जाने पर भी कार्रवाई हुई।

खाद्य विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद मिथ्याछाप और अधोमानक पाए गए नमूनों पर न्यायालय में कार्रवाई की जा रही है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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