मथुरा में सरकारी पिस्टल से गोली लगने से ट्रैफिक दारोगा की मौत, पुलिस महकमे में शोक
दारोगा पंकज कुमार की मौत से मचा हड़कंप, पत्नी भी सदर थाने में सिपाही के पद पर तैनात
मथुरा। मथुरा में ट्रैफिक पुलिस में तैनात दारोगा पंकज कुमार की सरकारी पिस्टल से गोली लगने के बाद मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
एटा के रहने वाले थे पंकज कुमार
बताया जा रहा है कि दारोगा पंकज कुमार मूल रूप से एटा जनपद के निवासी थे। उनकी पत्नी भी मथुरा के सदर थाने में सिपाही के पद पर तैनात हैं। घटना के बाद परिवार और पुलिस विभाग में मातम का माहौल है।
आत्मघाती कदम की आशंका, लेकिन कारण अभी स्पष्ट नहीं
प्रारंभिक स्तर पर घटना को कथित आत्मघाती कदम से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही चल सकेगा।
पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हर पहलू से जांच कर रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मौके से मिले साक्ष्यों के साथ-साथ पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिसकर्मियों के तनाव पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, अत्यधिक कार्यभार, लंबी ड्यूटी और कार्यस्थल के तनाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिसकर्मियों के लिए समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, तनाव प्रबंधन और मनोवैज्ञानिक सहायता की प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।



