उत्तर प्रदेशउन्नावताजा खबर

पुश्तैनी जमीन की हेराफेरी कर बैनामा कराने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

संवाददाता: सचिन पांडेय

उन्नाव। गंगाघाट क्षेत्र के देवारा कलां गांव में पुश्तैनी जमीन के राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर बैनामा कराने और जमीन का सौदा करने के मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित राजकुमार की ओर से न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिए जाने के बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

देवारा कलां निवासी राजकुमार के अनुसार, उनके परबाबा नैकानी के नाम गांव में करीब 11 बीघा पुश्तैनी जमीन थी। उनकी मृत्यु के बाद जमीन उनके तीन बेटों बपाली, पीतांबर और त्रिलोकी के नाम आई थी। आरोप है कि त्रिलोकी और उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद भी परिवार के लोग जमीन पर खेती करते रहे। राजकुमार का दावा है कि राजस्व अभिलेखों में आज भी त्रिलोकी का नाम दर्ज है।

राजकुमार ने आरोप लगाया कि त्रिलोकी के साले सुरजन और दुर्गादत्त ने कथित रूप से राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन पहले सुरजन और उनकी पत्नी सावित्री के नाम दर्ज कराई। इसके बाद 26 सितंबर 2003 को करीब तीन बीघा 15 बिस्वा सात बिस्वांसी जमीन का बैनामा दुर्गादत्त के नाम कराया गया। आरोपित बैनामे में मनोज और दीपक वर्मा के गवाह होने का उल्लेख है। इसके अलावा करीब 15 बिस्वा जमीन का बैनामा राज किशोर दीक्षित के नाम कराने का भी आरोप लगाया गया है।

कब्जे की कोशिश के बाद सामने आया मामला

राजकुमार के मुताबिक, जनवरी 2026 में दुर्गादत्त के जमीन पर कब्जा करने पहुंचने के बाद उन्हें कथित हेराफेरी और बैनामों की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय के अभिलेखों की जांच कराई। आरोप है कि विवादित जमीन का आगे सौदा करने के लिए निखिल रामानी और अरुण गोपाल के साथ 1.30 करोड़ रुपये में एग्रीमेंट किया गया था और बयाने के तौर पर रकम भी ली गई।

राजकुमार का कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन को बिना किसी वैध वसीयत या बैनामे के दूसरे लोगों के नाम दर्ज कराकर आगे हस्तांतरित करने की कोशिश की गई। उन्होंने मामले में पुलिस और उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली।

छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट, जांच शुरू

न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दुर्गादत्त, मनोज, दीपक वर्मा, राज किशोर दीक्षित, निखिल रामानी और अरुण गोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले से जुड़े राजस्व अभिलेखों, बैनामों और 1.30 करोड़ रुपये के कथित एग्रीमेंट की जांच करेगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

Related Articles

Back to top button