दिल्ली को मिलेगी पहली बुलेट ट्रेन: 1,556 किमी लंबे दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर की DPR तैयार, बनेंगे 22 स्टेशन

नई दिल्ली: अहमदाबाद-मुंबई के बाद देश को एक और महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क मिलने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। उत्तर भारत को पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार से जोड़ने वाले 1,556 किलोमीटर लंबे दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है।
इस विशाल कॉरिडोर पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को तीव्र गति रेल नेटवर्क से जोड़ेंगे।
दिल्ली-वाराणसी खंड पर पहले होगा काम परियोजना के पहले चरण के तहत 813 किलोमीटर लंबे दिल्ली-वाराणसी खंड को विकसित किया जाएगा। यह रूट दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी पहुंचेगा।
इसके बाद दूसरे चरण में इस ट्रैक का विस्तार वाराणसी से आगे बक्सर, पटना, पूर्णिया और किशनगंज होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक किया जाएगा।
महज कुछ घंटों में तय होगा लंबा सफर लगभग 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह बुलेट ट्रेन दिल्ली से वाराणसी का सफर महज 3 से 4 घंटे में पूरा करेगी। वहीं, सिलीगुड़ी तक की यात्रा 7 से 8 घंटे में तय हो सकेगी, जिसमें वर्तमान में 20 घंटे से अधिक का समय लगता है।
मंत्रालय से अंतिम अलाइनमेंट और वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों की औपचारिक समयसीमा तय की जाएगी।




