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आरटीओ कानपुर में दलालों के दखल पर रोक की तैयारी, पटलवार जानकारी के लिए लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड

ब्यूरो रिपोर्ट — ऋषभ तिवारी, Kisan Mail News

कानपुर। परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद आरटीओ कानपुर में आवेदकों की सुविधा और कार्यालय की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। आरटीओ कार्यालय के मुख्य गेट के सामने डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर पटल संख्या, संबंधित पटल सहायक का नाम और वहां होने वाले कार्यों की जानकारी दर्ज की गई है।

इसके साथ ही अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित शुल्क का विवरण भी प्रदर्शित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे आवेदकों को अपने काम के लिए संबंधित पटल की जानकारी आसानी से मिल सकेगी और अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन राकेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य भवन के अलावा सारथी भवन के प्रवेश द्वार पर भी डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। इसमें पटल संख्या, पटल सहायक, कार्य का विवरण और निर्धारित शुल्क की जानकारी दी गई है।

अधिकारियों ने किया कार्यालय का निरीक्षण

आरटीओ प्रशासन राकेंद्र कुमार सिंह और एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून ने मुख्य भवन तथा सारथी भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने विभिन्न पटलों की कार्यप्रणाली देखी और वहां मौजूद आवेदकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और अनुभवों की जानकारी ली।

आरटीओ प्रशासन ने बताया कि मुख्य भवन में हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की गई है। यहां दो कर्मचारी आगंतुकों की सहायता के लिए मौजूद रहते हैं। आवेदक अपने कार्य से संबंधित जानकारी हेल्प डेस्क से भी प्राप्त कर सकते हैं।

राकेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आवेदकों को किसी तरह की परेशानी होने पर वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। समस्या की जानकारी मिलने पर उसके समाधान का प्रयास किया जाएगा।

अब दलालों की भूमिका पर निगरानी

आरटीओ परिसर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य आवेदकों को उनके कार्य, संबंधित पटल और निर्धारित शुल्क की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। हालांकि, कार्यालय के बाहर सक्रिय बताए जा रहे दलालों के दखल पर प्रभावी रोक लगाना अधिकारियों के लिए अहम चुनौती होगी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डिस्प्ले बोर्ड, हेल्प डेस्क और निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं के बाद आवेदकों को वास्तव में कितनी राहत मिलती है और आरटीओ परिसर के आसपास कथित दलाली पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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