उन्नाव में 17 सितंबर से शुरू होगी ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच

संवाददाता — सचिन पांडे, Kisan Mail News
उन्नाव। ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में एफएलसी प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच 17 सितंबर से शुरू होकर करीब 20 से 22 दिनों तक चलेगी। एफएलसी प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक होगी। रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी प्रक्रिया जारी रहेगी।
एफएलसी का कार्य भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के 12 अधिकृत तकनीकी इंजीनियरों द्वारा किया जाएगा। जिले में कुल 2651 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 3844 बैलेट यूनिट (बीयू), 3844 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 3844 वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की जाएगी।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद
डीएम ने कहा कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि पूरी प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहकर जांच को देख सकेंगे। उनकी उपस्थिति भी नियमित रूप से दर्ज की जाएगी। यदि कोई प्रतिनिधि लगातार तीन दिन अनुपस्थित रहता है तो उसे लिखित अनुस्मारक भेजा जाएगा।
प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम मशीनों के कैबिनेट खोले जाएंगे और उनके आंतरिक कंपोनेंट्स तथा पीसीबी की स्थिति भी दिखाई जाएगी। कुल मशीनों में से चयनित पांच प्रतिशत मशीनों पर विस्तृत मॉक पोल कराया जाएगा।
एफएलसी हाल और स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी से निगरानी
एफएलसी हाल और स्ट्रांग रूम की निगरानी 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों और लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी। अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व से सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली।



