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दो लाख का KCC लोन लिया, 48 घंटे में बंधक जमीन बेचने का आरोप; कोर्ट के आदेश पर चार के खिलाफ केस

जिला संवाददाता — देवेंद्र तिवारी, Kisan Mail News

उन्नाव। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर बैंक से दो लाख रुपये का ऋण लेने के महज 48 घंटे बाद बंधक रखी जमीन बेचने का मामला सामने आया है। बैंक की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, ऋण लेने के लिए बैंक के पक्ष में बंधक रखी गई जमीन का बाद में बिक्री विलेख करा दिया गया। मामले में बैंक की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद न्यायालय की शरण ली गई। कोर्ट के आदेश पर हसनगंज कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2008 में लिया था दो लाख रुपये का ऋण

बैंक के मुख्य प्रबंधक पंकज कुमार की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र के मुताबिक, दाउदपुर निवासी राम गोपाल सिंह ने वर्ष 2008 में न्योतनी स्थित बैंक शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण लेने के लिए आवेदन किया था।

बैंक का कहना है कि ऋण के लिए राम गोपाल ने दाउदपुर स्थित जमीन को बैंक के पक्ष में बंधक रखने की सहमति दी थी। आवश्यक दस्तावेज और शपथपत्र मिलने के बाद 27 फरवरी 2008 को दो लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।

लोन स्वीकृत होने के दो दिन बाद जमीन बेचने का आरोप

बैंक के मुताबिक, ऋण स्वीकृत होने के महज दो दिन बाद ही बंधक जमीन को रामदेई पत्नी नन्हकऊ के नाम बेच दिया गया। शिकायत में बिक्री विलेख 1 मार्च 2008 को हसनगंज रजिस्ट्री कार्यालय में दर्ज होने की बात कही गई है।

बैंक का आरोप है कि ऋण लेते समय दिए गए शपथपत्र में राम गोपाल ने जमीन को बैंक के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में बंधक रखने या बेचने से इनकार किया था।

राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव का भी आरोप

बैंक की शिकायत में जमीन के मालिकाना हक से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कराने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार, पहले तहसील स्तर से एक आदेश प्राप्त कर जमीन राम गोपाल के नाम दर्ज कराई गई और इसके बाद उसी जमीन को बैंक के पक्ष में बंधक रखकर ऋण लिया गया। मामला सामने आने के बाद तहसीलदार हसनगंज की कार्रवाई में संबंधित आदेश निरस्त किए जाने तथा भूमि को पूर्व स्वामिनी प्रीती पुत्री सरवन के नाम दर्ज किए जाने का उल्लेख बैंक की ओर से किया गया है।

गारंटरों पर भी मिलीभगत का आरोप

मामले में बैंक ने राम गोपाल सिंह के अलावा आर्य प्रताप सिंह निवासी आदमपुर बरोठी और शंकर सिंह निवासी सत्तीदीन खेड़ा को भी आरोपी बनाया है। बैंक का आरोप है कि दोनों ने ऋण दिलाने में पैरवी और गारंटी की तथा पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया।

वहीं रामदेई पर बैंक के पक्ष में बंधक रखी गई जमीन खरीदने का आरोप लगाया गया है।

बैंक का खाता हुआ NPA, ब्याज समेत रकम बढ़ी

बैंक के अनुसार ऋण की रकम वापस नहीं किए जाने के कारण खाता NPA हो गया। शिकायत में ब्याज समेत करीब 3.26 लाख रुपये बकाया होने की बात कही गई है।

बैंक कर्मचारियों के गांव पहुंचकर बकाया ऋण की जानकारी लेने पर उनके साथ अभद्रता किए जाने और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है।

एक साल से अधिक समय पहले दी थी पुलिस को शिकायत

बैंक शाखा प्रबंधक की ओर से मामले में 14 जून 2025 को रजिस्टर्ड डाक के जरिए एसपी उन्नाव को शिकायत भेजे जाने की बात कही गई है। बैंक का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

इसके बाद बैंक की ओर से न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल कर कार्रवाई की मांग की गई। न्यायालय के आदेश के बाद हसनगंज पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

पुलिस के अनुसार, मामले में जमीन से जुड़े दस्तावेज, ऋण संबंधी अभिलेख और राजस्व रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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